डीसी डॉ. आदित्य दहिया के निर्देश पर शिक्षा विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सहायता के लिए भेजे गए 20 कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग वापस करेगा। इन सभी कर्मचारियों की आयु 55 वर्ष से अधिक है। इनमें से पांच कर्मचारी दिव्यांग हैं। पहले से मुश्किलों से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग इन कर्मचारियों को अपने लिए बोझ समझ रहा है।
जानकारी के लिए डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए शिक्षा विभाग से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भेजे थे। इन कर्मचारियों से स्वास्थ्य विभाग को हेल्पर के रूप में कार्य लेना था। जो पहले ही आउटसोर्स कर्मचारी नागरिक अस्पताल में हेल्पर लगे हुए हैं, उनसे कोई और कार्य लिया जाना था। स्वास्थ्य विभाग ने जब इन 20 कर्मचारियों को ज्वाइनिंग दी तो पाया कि यह सभी 55 वर्ष से अधिक आयु के हैं। इनमें से पांच तो दिव्यांग हैं। जब इनसे सिलिंडर उठाकर ऊपरी मंजिल पर चढ़ाने को कहा गया तो इन्होंने अपनी असमर्थता जताई। इसके बाद इनको नई बिल्डिंग में पहली मंजिल पर ओपीडी के बाहर हेल्पर के रूप में लगाया। लेकिन यहां भी इनसे काम नहीं बना। इसलिए यह कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की किसी भी प्रकार की मदद करने में नाकाम रहे। इन कर्मचारियों में अधिकतर को अस्थमा की शिकायत भी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है और इन कर्मचारियों को वापस भेजने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग की तरफ से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिले थे। उनको जो कार्य दिया गया, उनसे नहीं हो पाया। एक बार उनको जो कार्य दिया जाता है, जब दोबारा पता किया जाता है तो वह मौके पर नहीं मिलते। इसलिए इनका यहां कोई कार्य नहीं है। इनमें से अधिकतर की आयु 55 वर्ष से अधिक है। स्वास्थ्य विभाग को खुद ही इनकी देखभाल करनी पड़ रही है। इसलिए इनको वापस लौटाया जाएगा।
डॉ. बिमला राठी, पीएमओ।