स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव भिड़ताना में चलाई जा रही वनस्पति घी की फैक्टरी से घी के सैंपल भरे। टीम ने यह कार्रवाई पुलिस की शिकायत के आधार पर की। यहां से टीम ने वनस्पति घी के सैंपल लिए और चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेज दिए। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि उनके पास पुलिस की शिकायत आई थी कि गांव भिड़ताना में नकली वनस्पति घी बनाने की फैक्टरी चल रही है। इसी सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भिड़ताना पहुंची। यहां उन्होंने एक मकान में वनस्पति घी की पैकिंग करते कुछ लोग मिले। फैक्टरी मालिक सुखबीर भी यहां मौजूद था। यहां पर ड्रमों के अंदर वनस्पति घी रखा हुआ था तथा इसकी डिब्बों में पैकिंग की जा रही थी। डॉ. कटारिया ने कहा कि उन्होंने यहां वनस्पति घी के सैंपल लिए हैं। इनको जांच के लिए चंडीगढ़ लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे उन पर फूड एवं सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस के साथ कर रहा काम
गंगा दी ब्रांड के नाम से वनस्पति घी के फैक्टरी मालिक सुखबीर ने कहा कि उसने बाकायदा इस काम के लिए लाइसेंस ले रखा है। वह नियमों के अनुसार उत्तम क्वालिटी का वनस्पति घी बनाकर पैक करता है। इसमें कोई भी कमी नहीं है।