जींद। गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लग गया है। मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के प्रति स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों को मैदान में उतारकर लोगों को मच्छरजनति बीमारियों के प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया है। इस बार डेंगू मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट भी शुरू हो चुकी है। इसलिए जिन डेंगू मरीजों में प्लेटलेट्स कम हो जाएंगी, उनको दूसरे जिलों में जाने की जरूरत नहीं है। पिछले वर्ष जिले में डेंगू के लगभग 400 तथा मलेरिया के 80 के आसपास मामले सामने आए थे। इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले ही अपनी पूरी तैयारी में लग गया है, ताकि इन बीमारियों को रोका जा सके।
हर वर्ष स्वास्थ्य विभाग मई की शुरूआत में स्वास्थ्य कर्मचारियों को फील्ड में उतारता है ताकि वह बीमार लोगों की स्लाइड बनाकर उनकी जांच करें। इसके अलावा लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति पहले ही सावधान करें ताकि बीमारी फैलने से रूक सके। इस बार स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्वास्थ्य कर्मचारियों को स्वास्थ्य निरीक्षकों की अगुवाई में फील्ड में जाकर बीमार लोगों की स्लाइड बनाने तथा उनको जागरूक करने के लिए भेज दिया है। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर रिकॉर्ड इकट्ठा करेंगे। इसके अलावा जिन घरों के बाहर पानी खड़ा होता है, उसके लिए भी जागरूक करेंगे ताकि लोग अपने घरों के आसपास पानी नहीं जमा होने दें। घर के अंदर तथा बाहर यदि पानी जमा होता है तो उसे एक-दो दिन में जरूर साफ करना चाहिए।
सप्ताह में एक दिन रसोईघर को सूखा रखें
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने कहा कि हर घर में सप्ताह में दिन सूखा दिवस मनाना होगा। पिछली बार जो डेंगू के मामले सामने आए थे, वह घर में ही मच्छरों के काटने से सामने आए थे। इसलिए सप्ताह में एक दिन घर की रसोई को पूरी तरह साफ और सूखा कर रखें। घरों में कूलरों को भी एक सप्ताह पूरा तरह सूखा दें। कूलर का पानी प्रतिदिन जरूर बदलना चाहिए। वर्मा ने दावा किया कि इस बार स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही अभियान शुरू कर दिया है, इसलिए इस बार इतने अधिक डेंगू के मामले सामने नहीं आएंगे।
नरवाना बना था हॉटस्पॉट
वर्ष 2023 में नरवाना ब्लॉक में ही सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आए थे। 400 केसों में से अकेले नरवाना में ही 200 के आसपास केस सामने आए थे। खुद सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल तथा अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने नरवाना का दौरा कर लोगों को भी जागरूक करना पड़ा था।
इस बार ब्लड सेपरेशन यूनिट हुई शुरू
नागरिक अस्पताल में इस बार ब्लड सेपरेशन यूनिट शुरू हो गई है। पिछले साल इसका लाइसेंस नहीं मिलने के कारण यह शुरू नहीं हो पाई थी। डेंगू के मरीजों की प्लेट्लेटस कम हो जाती हैं, जिस कारण मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ती हैं। पहले जींद जिले में यह सुविधा नहीं थी तो मरीजों को दूसरे जिलों में जाना पड़ता था। इस बार यह सुविधा जींद के नागरिक अस्पताल में शुरू हो गई है तो मरीजों को दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से इस बार पहले ही तैयार हो चुका है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को फील्ड में उतार दिया है। नागरिक अस्पताल में इस बार प्लेटलेट्स की सुविधा भी शुरू हो गई है। इसलिए इस बार मलेरिया, डेंगू के मरीज कम मिलने की संभावना है। लोग जितना अधिक ध्यान रखेंगे, सफाई रखें व पानी जमा नहीं होने देंगे, उतने ही कम केस मिलेंगे।
-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।