जींद। स्वास्थ्य विभाग ने एक माह के लिए जिला में एनीमिया उन्मूलन अभियान की शुरूआत की है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित लोगों की पहचान कर उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगभग 30 हजार लोगों के खून की जांच की गई है।
इसमें लगभग 9 हजार लोग ऐसे पाए गए हैं, जिनमें खून की कमी पाई गई है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान दो लाख से अधिक लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एनीमिया की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है। एनीमिया मुक्त अभियान जिलास्तर पर चलाया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में तीन जगह डेस्क लगा कर स्वास्थ्यकर्मी खून की जांच कर रहे हैं। बाकायदा अभियान के तहत लोगों को एनीमिया के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। इनमें 11 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन पाया जा रहा है, उन्हें खून बढ़ाने की गोलियां दी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सामान्य, मध्यम व गंभीर एनीमिया के रोगियों की कैटेगरी बनाई गई हैं।
बाक्स
छह श्रेणियों में होगी जांच
सामान्य मरीजों को पहले की तरह प्राथमिक स्तर पर आयरन की दवा दी जाएगी। वहीं अब गंभीर एनीमिया रोगियों को दवाएं देने के साथ जब तक ये ठीक नहीं होते तब इनकी मॉनिटरिंग कर फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके अलावा छह माह से 59 माह तक के बच्चे, पांच से नौ वर्ष तक के बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर व किशोरियां, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं की विशेष जांच होगी।
बाक्स
यह हैं एनीमिया के लक्षण
जल्दी थक जाना व सांस फूलना, सुस्ती व नींद आते रहना, जल्दी-जल्दी बीमार पड़ना, पढ़ाई, खेलकूद व अन्य कार्यों में मन न लगना, भूख न लगना, चक्कर आना, जीभ, हथेलियों व आंखों में सफेदपन इसके लक्षण हैं।
बाक्स
यह हैं एनीमिया से बचाव के उपाय
एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित भोजन व मौसम के अनुसार उपलब्ध फल व सब्जी का सेवन करना चाहिए। पालक, गाजर, चुकंदर, गुड़, चना दाल आदि का सेवन करना चाहिए। वह खाद्य पदार्थ इसमें आयरन भरपूर मात्रा में हों, इनका सेवन से यह बीमारी ठीक हो सकती है। इसके अलावा खून में हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच व उपचार करवाएं, प्रतिदिन हरी सब्जियां, फल, अनाज और दालें खाने व व्यायाम से एनीमिया को दूर किया जा सकता है। एनीमिया मिलने पर आयरन की गोली की आयु वर्ग अनुसार निर्धारित खुराक लें, आंत के कीड़ों के लिए हर छह माह में एल्बेंडाजोल की गोली लेनी चाहिए।
बाक्स
कम हीमोग्लोबिन वाले मरीजों को हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, गुड़, अनार, खजूर आदि आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए। साथ ही चाय व कॉफी जैसे पेय पदार्थों को भोजन के तुरंत बाद लेने से परहेज करना चाहिए। यह आयरन के अवशोषण में बाधक होते हैं। एनीमिया के समय पर जांच से न केवल बीमारी की रोकथाम संभव है, बल्कि यह महिलाओं व बच्चों के समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। आमजन अभियान के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच कर जांच अवश्य करवाएं। गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से खून की जांच करवाएं।
- डाॅ. संदीप मलिक नोडल अधिकारी एनीमिया मुक्त अभियान
फोटो कैप्शन
12जेएनडी38: एनीमिया उन्मूलन अभियान के तहत रक्त की जांच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी। फाइल फोटो