जींद। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से आठ विशेष मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में वरिष्ठ चिकित्सकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
वहीं, रैली स्थल और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मुख्यालय से 15 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस, आवश्यक दवाओं और अन्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बुधवार को प्रस्तावित दौरे और समीक्षा बैठक के बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में मिलने वाले निर्देशों के अनुसार मेडिकल टीमों की ड्यूटी, एंबुलेंस की तैनाती, प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत प्लान लागू किया जाएगा।
वर्तमान में नागरिक अस्पताल के पास तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध हैं लेकिन आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनका संचालन फिलहाल संभव नहीं है। इसके अलावा विभाग के पास 29 सामान्य एंबुलेंस हैं जिन्हें जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जाएगा। मुख्यालय से 15 अतिरिक्त एएलएस एंबुलेंस मिलने के बाद गंभीर मरीजों को तत्काल उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में विभाग को राहत मिलेगी।
मेडिकल कैंप और एंबुलेंस प्वाइंट रहेंगे तैनात
रैली स्थल पर अस्थायी मेडिकल कैंप, एंबुलेंस प्वाइंट, आपातकालीन चिकित्सा दल और वीवीआईपी रूट पर विशेष स्वास्थ्य टीमें तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही जिला नागरिक अस्पताल को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
वर्जन
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा सेवाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। इसके लिए 15 एंबुलेंस की मांग मुख्यालय से की है। इसके अलावा पर्याप्त दवाइयों, जीवनरक्षक उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद इन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देकर अमल में लाया जाएगा।
-डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।