02जेएनडी36: बिरौली गांव में पानी के ड्रम में लारवा की जांच करते हुए स्वास्थ्य कर्मी। कर्मचारी
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किनाना और अनूपगढ़ में स्वास्थ्य सुपरवाइजर मनजीत सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को फीवर मास सर्वे किया गया। इसमें गांव किनाना में पांच टीमें बनाई गई और गांव अनूपगढ़ में दो टीमों का गठन किया गया। इसके अलावा जुलानी व झांझ खुर्द गांव में पवन सिंह के नेतृत्व में रैपिड मास सर्वे किया गया।
इसमें मनजीत सिंह ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। मलेरिया में सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार व इसके बाद गर्मी लगना और पसीने के साथ बुखार का उतरना।
बुखार हर रोज, एक दिन छोड़कर या फिर तीसरे दिन आना ही इसकी पहचान है। इससे बचने के लिए रोगी की रक्त पट्टीका बनाना और शीघ्र इसकी जांच करवाना। मलेरिया घोषित होने पर रोगी द्वारा मूल उपचार लेना।
पानी के बर्तनों को अच्छी तरह ढक कर रखें। सप्ताह में एक बार सुखा दिवस मनाएं। घरों की खिड़कियों तथा दरवाजों पर जालियां लगवाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। कीटनाशक दवाई का छिड़काव घर के सभी कमरों में करवाएं। इस अवसर पर जितेंद्र सैनी, सुनील, सुरेश, मनदीप,अमित, सुदेश देवी, संत कुमार माैजूद रहे।