जींद। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उचाना थाना की हेड कांस्टेबल को सात हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। महिला हेड कांस्टेबल पर पहले भी 50 हजार रुपये लेने के आरोप लगाए गए हैं। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
हिसार एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में छातर गांव निवासी धर्मपाल ने दी शिकायत में बताया था कि उनका खेत के पड़ोसी सुनील के साथ चार सितंबर को झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद दूसरे पक्ष के सुनील ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत की थी।
जहां पर सुनील ने उसके बेटे रविंद्र, पत्नी बोहती व जसमेर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। झगड़े के बाद हेड कांस्टेबल प्रीति ने उनको थाने में बुलाया। जहां पर प्रीति ने उनको कहा कि उसकी पत्नी बोहती का नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये लगेंगे। इस पर उन्होंने रुपये भी दे दिए, लेकिन उसका नाम नहीं निकाला। नाम नहीं निकलने पर उन्होंने जमानत के लिए हाईकोर्ट में केस दायर किया हुआ था। अब हेड कांस्टेबल प्रीति ने हाईकोर्ट में जाने के लिए उससे सात हजार रुपये मांग रही थी और रुपये नहीं देने पर उनके खिलाफ कोर्ट में पक्ष रखने की धमकी दी। शिकायत मिलने पर हिसार के उद्यान अधिकारी पंकज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर छापामार दल का गठन किया। जहां पर शिकायतकर्ता को सात हजार रुपये पाउडर व हस्ताक्षर करके दे दिए। जब धर्मपाल ने फोन किया तो उसको थाने में बुला लिया। धर्मपाल ने रिश्वत के रुपये देकर टीम की तरफ इशारा कर दिया। जहां पर टीम ने छापेमारी करके हेड कांस्टेबल प्रीति के पास से रिश्वत के लिए हुए रुपये बरामद कर लिए। हिसार एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी महेश कुमार ने बताया कि हेड कांस्टेबल पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।