साइकिल पर फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले गांव धरोदी निवासी महीपाल का बेटा अमित भारद्वाज एससीएच बन गया है। अमित के सेलेक्शन पर गांव में खुशी है। 26 वर्षीय अमित ने यह परीक्षा पहली बार में ही पास की है।
धरोदी गांव के रहने वाले महीपाल बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए चालीस वर्षों से साइकिल पर गांव-गांव घूमकर बर्तन बेचते हैं। बच्चों ने भी पिता की मेहनत और सपनों को साकार करने के लिए खूब मेहनत की। महीपाल के दो बेटे और एक बेटी है। बड़े बेटे अमित ने सात वर्ष से परिवार से दूर रहकर आईएएस और एचसीएस की परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम है कि आज पहली बार में ही एचसीएस में सेलेक्शन लेने में सफल रहा। अमित ने आईएएस की परीक्षा दी है, जिसका अभी परिणाम आना बाकी है। अमित के पिता के पास सवा एकड़ जमीन है। जिस पर खेती करके परिवार नहीं चलाया जा सकता था। अमित का छोटा भाई एमए और बहन बीए कर रही है। अमित ने अपनी शिक्षा की शुरूआत गांव के ही स्कूल से करने के बाद 10वीं और 12वीं की परीक्षा नरवाना के आर्य स्कूल से पास की। बीटेक करने के बाद वह चंडीगढ़ में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा है।