07जेएनडी08-पर्यावरण शुद्धि एवं समृद्धि के लिए हवन करते हुए। स्रोत आर्य समाज
जींद/नरवाना। आर्य समाज ने रविवार को पर्यावरण शुद्धि एवं समृद्धि के लिए हवन किया। साप्ताहिक सत्संग में धर्मपाल एवं यशपाल आर्य ने भजन एवं गीतों से ईश्वर की सृष्टि रचना, भक्ति और आराधना करने एवं महर्षि दयानंद सरस्वती के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और धार्मिक अभियान का यशोगान किया।
आर्य समाज नरवाना प्रधान चंद्रकांत आर्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता को अच्छुण बनाए रखने में आर्य समाज का अहम योगदान रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में समाज एवं राष्ट्र विरोधी आंतरिक एवं बाह्य शत्रु से सुरक्षित शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय सरकार को चुनने में नि:स्वार्थ भाव से मतदान करें। 9 अप्रैल के चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा 2081 को नववर्ष तथा आर्य समाज की स्थापना दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया है। जयपाल सिंह आर्य ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में प्राकृतिक जीवन शैली में शुद्ध सात्विक ताजे प्राकृतिक पेय पदार्थ, आहार और व्यवहार से उत्तम स्वास्थ्य को प्राप्त करने में प्रतिदिन सुबह-शाम उपासना, योग एवं प्राणायाम करने का आह्वान किया। वैदिक नववर्ष में प्रकृति अपने पूर्ण यौवन अवस्था में है। भयंकर पर्यावरण प्रदूषण के कारण देसी कीकर, नीम एवं क्षारीय प्रकृति के पेड़-पौधों वसंत ऋतु का प्रभाव धीमा है। इस अवसर पर राजवीर सिंह, संजीव फकीरचंद, वेदपाल, किताब सिंह मौजूद रहे।
07जेएनडी08-पर्यावरण शुद्धि एवं समृद्धि के लिए हवन करते हुए। स्रोत आर्य समाज