18जेएनडी06 : माता भ्रामरी शक्तिपीठ पुजारी श्याम लाल कौशिक। स्रोत पुजारी।
जींद। देवभूमि बनभौरी स्थिति माता भ्रामरी शक्तिपीठ पुजारी श्याम लाल कौशिक ने कहा कि सनातन धर्म में माघ नवरात्र को शक्ति उपासना का विशेष काल माना गया है। माघ मास के गुप्त नवरात्र का आरंभ 19 जनवरी से होगा।
यह काल विशेष रूप से दस महाविद्याओं की साधना से जुड़ा माना जाता है। गुप्त नवरात्र में देवी दुर्गा के प्रकट स्वरूपों के साथ उनके गूढ़ और रहस्यमय रूपों की उपासना का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि साधना और आत्मिक जागरण का समय कहा गया है। साल के उत्तरार्ध में आषाढ़ और शारदीय नवरात्र पिछले वर्ष की तुलना में 18 दिन की देरी से होंगे।
नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व है। इस साल कलश स्थापना के लिए दो-दो शुभ समय मिल रहे हैं। जिसमें पहला प्रात: काल शुभ मुहूर्त सुबह 7:13 के लगभग शुरू होकर सुबह 10:49 तक होगा। वहीं अगर अभिजीत मुहूर्त की बात करे तो दोपहर 12:15 बजे से 12:58 तक रहेगी।
कौशिक ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्र मुख्य रूप से तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और कठिन साधनाओं के लिए जानी जाती है। माना जाता है कि जो भक्त गुप्त रूप से मां की सेवा करते हैं, उनकी बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं। यह नवरात्र आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शक्ति प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम मानी गई है।