रेवाड़ी। जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पाॅन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चरण-1 की पाबंदियां अब रेवाड़ी जिले में भी लागू हो चुकी हैं। इस योजना के तहत वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई तरह की सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
डीसी अभिषेक मीणा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निकायों, एचएसआईआईडीसी और अन्य विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाएं और सुनिश्चित करें कि सभी निर्देशों का पूर्ण पालन हो। ग्रैप-1 के तहत 27 सूत्री कार्य योजना पूरे एनसीआर में लागू की गई है।
इसके अनुसार 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों पर तभी कार्य की अनुमति दी जाएगी जब वे राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत हों और सभी धूल नियंत्रण उपायों का पालन करेंगे। निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, पानी का छिड़काव और धूल दमन के उपाय अनिवार्य रूप से किए जाना जरूरी है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करें कि जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स नियंत्रण में रहे। इसके लिए सड़कों की सफाई, पानी का नियमित छिड़काव, सीएंडडी (निर्माण एवं तोड़फोड़) स्थलों पर धूल निवारण उपाय, कचरे का वैज्ञानिक निपटान और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे कदम अनिवार्य रूप से लागू किए जाएंगे।
नगर निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ठोस अपशिष्ट, निर्माण एवं तोड़फोड़ अपशिष्ट और खतरनाक अपशिष्ट को नियमित रूप से निर्धारित डंप स्थलों से उठवाएं और किसी भी प्रकार का कचरा खुले क्षेत्रों में न फेंका जाए। लैंडफिल स्थलों पर आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखी आवश्यक है।
धुएं पर सख्ती से कार्रवाई होगी
डीसी ने कहा कि वाहनों से निकलने वाले धुएं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। दृश्यमान प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा या अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा। ट्रकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे मार्गों का ही उपयोग अनिवार्य किया जाएगा ताकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति न बने।
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केवल स्वीकृत ईंधन का ही प्रयोग किया जाए
डीसी ने बताया कि जिले में किसी भी औद्योगिक इकाई, ईंट भट्ठे या हॉट मिक्स प्लांट में केवल स्वीकृत ईंधन का ही प्रयोग किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित इकाई को तुरंत बंद करने की कार्रवाई होगी। होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में कोयला या लकड़ी से चलने वाले तंदूरों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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इन बातों का रखना होगा ध्यान
-वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र हमेशा अद्यतन रखें
-इंजन की ट्यूनिंग समय-समय पर कराएं
-वाहन बेवजह चालू न रखें
-रेड लाइट पर इंजन बंद करें
-हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें
-कचरा खुले स्थानों पर न फेंकें और न ही जलाएं
-प्रदूषण फैलाने वालों की जानकारी ऐप के माध्यम से दें
-पौधे लगाएं और त्योहारों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं।
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पिछले दिनों का एक्यूआई
तारीख एक्यूआई
15 अक्तूबर 141
14 अक्तूबर 161
13 अक्तूबर 160
12 अक्तूबर 147
11 अक्तूबर 218
10 अक्तूबर 65
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एक्यूआई के चरण
अच्छा 0-50
संतोषजनक 51-100
मध्यम 101-200
खराब 201-300
बहुत खराब 301-400
गंभीर स्थिति 400-500