जींद। नई पेयजल नीति-2026 के उद्देश्य से सोमवार को नरवाना और उझाना क्षेत्र के सरपंचों व ग्राम सचिवों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के उपमंडल अभियंता नवीन कुमार मुंडे ने की।
उपमंडल अभियंता ने कहा कि गांवों की जरूरत के अनुसार जलघर, ट्यूबवेल, बूस्टर और नई पेयजल पाइपलाइन के एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजे गए हैं। विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 24 मार्च 2026 को मंत्रिमंडल बैठक में नई नीति को मंजूरी दी थी। यह योजना एक अप्रैल 2026 से सिंगल विलेज स्कीम व एक अप्रैल 2027 तक से मल्टीपल विलेज स्कीम में लागू की जाएगी।
जिला सलाहकार ने बताया कि योजना के तहत जिला उपायुक्त एवं जिला जल एवं सीवरेज मिशन की बैठक के बाद ग्राम सभाओं में विशेष बैठकें आयोजित होंगी। ग्राम सभा की सहमति से साझा घोषणा पत्र पर सरपंच, ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति तथा विभागीय अधिकारियों के हस्ताक्षर होंगे।
रणधीर मताना ने बताया कि नई नीति के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था के रखरखाव में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। मोटर, स्टार्टर, केबल आदि उपकरणों की मरम्मत, लीकेज ठीक करवाना, अवैध कनेक्शन दुरुस्त करना तथा हर घर तक पानी पहुंचाने का कार्य ग्राम पंचायतों की देखरेख में होगा। नए जलघर, ट्यूबवेल और पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्य विभाग स्वयं करेगा।
उन्होंने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों के खाते इंडियन बैंक में खोले जाएंगे। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से पेयजल बिल एकत्रित कर खाते में जमा करवाया जाएगा। इसी राशि को पेयजल व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा। जितनी राशि गांव में बिल के रूप में एकत्रित होगी उतनी ही राशि विभाग की ओर से अतिरिक्त दी जाएगी।
रखरखाव के लिए अनुमानित वार्षिक खर्च का एक चौथाई हिस्सा अग्रिम रूप से ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाया जाएगा। इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता कुशल पाल, मनजीत कुमार, पवन कुमार, तरसेम सिंह, गोविंद गोयल, सुरेंद्र कुंडू, खंड समन्वयक कौशल शर्मा सहित विभिन्न गांवों के सरपंच और ग्राम सचिव मौजूद रहे।