संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय जांगड़ा अधिवक्ता का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रविवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सीताराम जांगड़ा की अध्यक्षता में हुआ। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व अतिरिक्त महा अधिवक्ता हरियााणा पवन कुमार जांगड़ा ने रहे जबकि संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता एचके जांगड़ा ने किया।
सम्मेलन में जांगड़ा समाज के लोगों को राजनीतिक में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा जांगड़ा समाज की जा रही अनदेखी पर रोष जताया गया। सम्मेलन में पारित किए गए प्रस्तावों को पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य माध्यम से राज्यपाल को भेजा गया। एचके जांगड़ा ने बताया कि प्रदेश में जांगड़ा समाज की दस प्रतिशत आबादी हैं। इसके बावजूद हर सरकार ने जांगड़ा समाज के हितों के साथ खिलवाड़ किया है और उनको उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। जागड़ा समाज के अधिकारों की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक रूप से अनदेखी की जा रही है। इसलिए सरकार में उचित भागेदारी के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और इसके लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। सम्मेलन में भिवानी, दादरी, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल व जींद, रोहतक फरीदाबाद के 45 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जांगड़ा अधिवक्ताओं को संगठित करते हुए राजनीतिक भागीदारी करने बारे योजना बनाई गई। इस अवसर पर मिनाक्षी जांगड़ा, मोनिका जांगड़ा, वीरेंद्र जांगड़ा, राजकुमार जांगड़ा मौजूद रहे।