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सरकारी भवनों की छतों पर संरक्षित होगा बारिश का पानी

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बारिश के दौरान सरकारी भवनों के ऊपर गिरने वाला पानी अब तक व्यर्थ नालियों में चला जाता है, मगर अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार एक जुलाई से 15 सितंबर तक जल संरक्षण अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत जिले के 200 सरकारी भवनों पर रूफ रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर बारिश के पानी का संरक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
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जिले में प्रथम चरण में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को आठ महा ग्रामों के सरकारी भवनों में लागू किया जाएगा। इस चरण में 200 रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित होंगे। अब तक जिले में 60 रूफ रेन हार्वेस्टिंग स्थापित भी करवाए जा चुके हैं। एक रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाने में लगभग दो लाख रुपये का खर्च आता है। जिले में जल संरक्षण को कारगर बनाने के लिए लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल संरक्षण अभियान को महाअभियान बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की सभी पंचायतों को चिट्ठी लिखकर खुद को इस जल संरक्षण महाअभियान से जोड़कर इसमें अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की है। जिले में सभी पंचायतों को यह पत्र प्राप्त हो चुके हैं। इस परियोजना के लागू होने से किसान एक बारिश में ही बचाए गए पानी से छह महीने की एक फसल का पानी बचा सकता है। अब तक बारिश होने पर प्रति वर्ष अमूल्य पानी व्यर्थ बह जाता था, मगर अब बारिश के पानी को संरक्षित कर किसान आसानी से फसल की सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
बहबलपुर में सौर ऊर्जा से संचालित सूक्ष्म सिंचाई प्रोजेक्ट हुआ शुरू
जल संरक्षण पर कार्य करते हुए बहबलपुर गांव में सौर ऊर्जा से संचालित सूक्ष्म सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस परियोजना से गांव के 75 किसान सौ से ज्यादा एकड़ में सिंचाई कर रहे हैं। जिला पंचायती विभाग ने इस तरह के सूक्ष्म सिंचाई प्रोजेक्ट जिले के दूसरे गांवों में भी स्थापित करवाने के लिए कहा है।
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हर ग्राम पंचायत लगवाएगी 500 पौधे
डीडीपीओ ने प्रत्येक ग्राम पंचायत को गांव में 500 पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा 425 एकड़ क्षेत्र में क्लोन सफेदे के पौधे लगवाए जाएंगे। यह पौधा पांच साल में तैयार हो जाता है। यह पौधा वन विभाग द्वारा लगवाए जाएंगे। इससे एक तो पर्यावरण को लाभ मिलेगा दूसरा किसान की पांच साल में आमदनी भी बढ़ेगी।
अधिकारियों से मांगे जल संरक्षण के अन्य सुझाव
जिला विकास एवं पंचायती अधिकारी राजेश कौथ ने रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को कारगर बनाने के लिए लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेकर अन्य विभागों के अधिकारियों से भी सुझाव मांगे। इन सुझावों को सरकार के पास भेजा जाएगा। जो सुझाव जल संरक्षण के लिए बेहतर होगा उस पर अमल कर जल संरक्षण के लिए कार्य किया जाएगा, ताकि आने वाले समय में पेयजल की होने वाली किल्लत से बचा जा सके।
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