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गरीबों की अनदेखी कर रही है सरकारः अशोक तंवर

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चाबरी कॉलोनी में सैनिटाइजर का छिड़काव करते डॉ. अशोक तंवर। - फोटो : Jind
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जींद। अपना भारत मोर्चा के संयोजक व सिरसा से पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने शनिवार को चाबरी कॉलोनी व राम कॉलोनी में सैनिटाइजर का छिड़काव किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को मास्क व अन्य सामग्री बांटी।
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डॉ. तंवर ने कहा कि सरकार गरीब लोगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों ही कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर लोग रहते हैं और यहां अभी तक प्रशासन द्वारा सैनिटाइजर का छिड़काव तक नहीं करवाया गया है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस संकट की घड़ी में वे लोगों की मदद करें। साथ ही उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना कहा कि विपक्ष सरकार के साथ मिला हुआ है। यही कारण है कि जिन नेताओं पर सत्ता में आने से पहले भाजपा के लोग भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, आज वे खुले घूम रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. तंवर ने कहा कि कोरोना का संकट अभी टला नहीं है, ऐसे में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। अपना भारत मोर्चा के सहयोगी देशभर में कोरोना महामारी के खिलाफ मुहिम को आगे लेकर जा रहे हैं ताकि इस बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।
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जितना खतरनाक कोरोना उतनी ही सरकार
पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि जितना कोरोना खतरनाक है उतनी ही खतरनाक सरकार भी है। देशभर में फैले कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार अपने घरों में बंद हो गई है और नेताओं को कोरोना से डर लगता है। होना तो यह चाहिए कि वो जनता के बीच में रहें और अधिकारियों का मनोबल बढ़ाएं लेकिन उन्हें जनता से ज्यादा स्वयं की जान प्यारी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश में लोगों की मौत हुई है, इससे साफ हो गया है कि विश्व में सबसे सस्ती भारतीयों की जान है।
विधायक बबली प्रकरण पर बोले विवाद की जड़ सरकार
इस दौरान पिछले दिनों टोहाना के जजपा विधायक देवेंद्र बबली के साथ हुए विवाद पर डॉ. तंवर ने कहा कि इसके लिए मुद्दे की जड़ तक जाना होगा। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार को चाहिए कि कृषि कानूनों को वापस ले, ताकि किसान आंदोलन का समाधान निकल सके।
कोरोना से निपटने में सरकार विफल
पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार कोरोना से निपटने में पूरी तरह से विफल रही है। पिछले साल सरकार ने जिस पैकेज की घोषणा की थी, उससे कोरोना से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। देश में प्रतिभा की कमी नहीं है। यदि सरकार चाहती तो देश के वैज्ञानिक बहुत बेहतर काम कर सकते थे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने यह अनुमान भी नहीं लगाया कि देश को कितनी वैक्सीन की जरूरत होगी।
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