प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शर्तें निर्धारित करने के बाद बिजली निगम के अच्छे दिन चल रहे हैं। चौधर की चाह में लोग अपनी जेबें ढीली कर रहे हैं और वर्षों से बकाया बिजली बिल भर रहे हैं।
पिछले दस दिनों में करीब ढाई करोड़ रुपये के बकाया बिल लोगों ने नो ड्यूज लेने के लिए निगम में जमा करवाए हैं।
जींद जिले में बिजली निगम का ग्रामीणों पर करीब दस अरब रुपये का बकाया है।
सरकार ने चुनाव लड़ने के लिए जो शर्त लागू की है, वह बिजली निगम के लिए कारगर सिद्ध हुई है। गत माह 24 से 29 दिसंबर तक प्रथम चरण में नामांकन के दौरान जिलेभर से एक करोड़ 40 लाख रुपये की रिकवरी हुई थी।
वहीं नए साल में एक से चार जनवरी तक एक करोड़ छह लाख रुपये प्रत्याशियों द्वारा नो ड्यूज लेने के लिए निगम में जमा करवाए गए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा सितंबर माह में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से पूर्व डेढ़ करोड़ रुपये नो ड्यूज के लिए उपभोक्ताओं ने भरे थे।
एक जनवरी से चार जनवरी तक
डिविजन एक जनवरी दो जनवरी तीन जनवरी चार जनवरी
जींद 02.53 02.26 07.24 10.69
नरवाना 25.08 20.86 16.26 19.49
सफीदों 27.72 23.42 23.50 31.45
नोट राशि लाखों में है।
नो ड्यूज के लिए उपभोक्ता को अपना पूरा बिल भरना होगा। नो ड्यूज के लिए निगम कार्यालयों में पूरी व्यवस्था की गई है।
दलजीत सिंह, एसई
बिजली निगम