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Jind News: दो दिन में दें खराब फसल का ब्योरा, नहीं तो मुआवजे से रह जाएंगे वंचित

Thu, 07 Mar 2024 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। जिले में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई रबी की फसलों का ब्योरा किसानों को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जल्द देना होगा अन्यथा वह मुआवजे से वंचित रह जाएंगे। अब तक जिलेभर से पांच हजार से ज्यादा किसानों ने पोर्टल पर खराब फसलों का ब्योरा दिया है। हालांकि क्षतिपूर्ति पोर्टल एक-दो दिन में बंद होने वाला है। प्रदेश सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का ब्योरा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था। ब्योरा देने पर ही राजस्व विभाग गिरदावरी का कार्य शुरू करेगा।
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पोर्टल बंद होने के बाद क्षेत्र को बांटकर जिला राजस्व विभाग गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू कर देगा। किसान पोर्टल पर स्मार्ट मोबाइल फोन से भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने के लिए एंड्रायड मोबाइल फोन से भी फसल खराबे की रिपोर्ट मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। जिसके पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है वह पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के लिए अपना मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर सकता है, जो फसल पंजीकरण के समय अपलोड करवाया था। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के आईडी नंबर से या फिर फसल रजिस्ट्रेशन के समय जो आईडी नंबर मिला था, उससे भी फसल खराबे की रिपोर्ट अपलोड की जा सकती है। यह प्रक्रिया किसानों को जल्द करनी होगी।

बरसोला के किसानों ने जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांगा मुआवजा

ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग को लेकर बरसोला गांव के किसान बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे और जिला राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसान सत्यवान, सतबीर, सूरजमल, विनोद, पवन, रणबीर, बलराज, सुभाष, सुखबीर ने बताया कि 2 मार्च को ओलावृष्टि और बारिश से उनकी रबी की फसल बर्बाद हो गई है। इस बार गेहूं का संकट पैदा हो सकता है। सरकार से मांग है कि गांव में पटवारियों को आदेश देकर स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और उन्हें मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर जिन किसानों का आठ से दस एकड़ फसल का पंजीकरण है, लेकिन उन्हें पांच एकड़ जमीन से ज्यादा खराबा नहीं भरा जा रहा है अब उनकी सारी फसल बर्बाद हो गई है तो मुआवजा भी जितनी जमीन थी उसी के अनुसार दिया जाना चाहिए।
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उचाना क्षेत्र में ज्यादा नुकसान का आकलन

ओलावृष्टि से उचाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान का आकलन हुआ है। उचाना क्षेत्र के गांव संडील, लोधर, मांडी, काब्रच्छा, दुर्जनपुर, उदयपुर, दरौली खेड़ा, सेढ़ा माजरा समेत दर्जनभर गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई थी। उचाना क्षेत्र में रबी की गेहूं के साथ सरसों की खेती दस हजार हेक्टेयर में है। ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। किसान सभा के राज्य प्रधान फूलसिंह श्योकंद, भाकियू के राज्य प्रधान रतन मान का कहना है कि सरसों की फसल को 60 प्रतिशत तो गेहूं की फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है।

बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का ब्योरा देने के लिए प्रदेश सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था, लेकिन अब यह बंद होने वाला है। अभी तक उनके पास कोई नोटिफिकेश नहीं आया है। जिन किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, वह जल्द अपनी फसलों का ब्योरा पोर्टल पर डालें, ताकि उसके बाद विभाग गिरदावरी का कार्य शुरू कर सके। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद
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