29जेएनडी16-खेड़ा खेमावती में नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मी। स
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सफीदों। बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की सतर्कता से खेड़ा खेमावती गांव में एक बालिका को वधू बनने से बचाया गया। टीम ने बाल विवाह की सूचना पर कार्रवाई करते हुए नाबालिग की शादी को रुकवाया और परिजनों को यह न करने के लिए चेताया। इसके अलावा बाल विवाह अधिनियम की जानकारी भी दी।
इस पर परिजनों ने आश्वासन दिया कि अब वह बालिग होने पर ही विवाह करेंगे। बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को सूचना मिली थी कि गांव खेड़ा खेमावती में एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है और बारात सोनीपत जिले के गांव रामगढ़ से आने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए रवि लोहान, हवलदार ओमप्रकाश, महिला सिपाही रितु, नीलम व प्रवीण के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम की ओर से लड़की के परिवार वालों से लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की और लड़की की उम्र पूरी होने की बात कही लेकिन जब उनको कार्यालय में बुलाया गया तो लगभग तीन घंटे के बाद जो सबूत दिखाए गए। इसमें लड़की की उम्र मात्र 16 वर्ष पाई गई।
इस पर उनके परिजनों की ओर से बताया गया कि लड़की के माता-पिता अनपढ़ हैं और उन्हें किसी कानून की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आपकी लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन नहीं आए।
इसके बावजूद भी शादी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर परिवार सहमत हो गया और शादी को स्थगित कर दिया गया।