07जेएनडी17-फरैण कलां गांव के खेतों में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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जींद। जिले में 2,430 एकड़ फसल खराबे की गिरदावरी अटकी पड़ी है। ऐसे में किसानों को मुआवजे का लंबा इंतजार पड़ेगा। यह फसल खराबे की गिरदावरी केवल उचाना ब्लॉक की अधूरी पड़ी है। हालांकि अन्य ब्लॉक में गिरदावरी का काम पूरा हो गया है।
सितंबर में भारी बारिश के कारण जिले में खरीफ की फसलों को काफी नुकसान हुआ था। इसको लेकर किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर 1,47,330 एकड़ फसल खराबा दर्ज करवाया था। जिले में सबसे ज्यादा नरवाना क्षेत्र में फसल खराबा दर्शाया गया था जिसमें 8864 किसानों ने 55910 एकड़ में फसल खराबा दिखाया था।
हालांकि नरवाना क्षेत्र के कई गांव में फिलहाल बाढ़ का पानी भरा हुआ है। फरैण कलां, ईस्माइलपुर, भिखेवाला, दनौदा कलां और खुर्द के खेतों में अभी पानी जमा है जहां पानी निकलने में अभी काफी समय लगेगा। किसानों को डर सता रहा है कि बाढ़ ग्रस्त खेतों में रबी की फसल की बिजाई हो पाएगी या नहीं।
क्षेत्र-किसान-पंजीकरण-अधूरा
पिल्लूखेड़ा-464-3604-00
अलेवा-633-4415-00
जुलाना-2946-20099-00
सफीदों-149-1286-00
उचाना-7114-43492-2430
नरवाना-8864-55910-00
जींद-3110-18521-00
कुल-23122-147330-2430
वर्जन
जिले में लगभग दर्ज फसल खराबे की गिरदावरी हो चुकी है। केवल उचाना क्षेत्र में ही रहती है, जो कि जल्द ही पूरी हो जाएगी। -राजकुमार, जिला राजस्व विभाग अधिकारी, जींद