जींद। 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत जिन किशोरियां ने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है वे टीकाकरण के लिए पात्र हैं। यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली दी।
डॉ. सुमन कोहली ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी पात्र किशोरियों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं ताकि कोई भी पात्र किशोरी लाभ से वंचित न रहे। वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) से सुरक्षित रखना है।
डॉ. सुमन ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनता है।
एचपीवी टीका संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है। डॉ. कोहली ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है।
वर्तमान में विश्व के लगभग 160 देशों में किशोरियों को यह टीका लगाया जा रहा है जिससे वहां सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। इस अभियान के तहत पात्र किशोरियों को टीके की केवल एक डोज दी जाएगी।
निजी अस्पतालों में यह टीका काफी महंगा होता है लेकिन इस अभियान के अंतर्गत सरकार द्वारा यह वैक्सीन सभी पात्र किशोरियों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण सत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर आयोजित किए जाएंगे जहां कम से कम एक चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान तीन माह की अवधि में पूर्ण किया जाएगा।