जींद। गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सीखने का एक माध्यम है। गीता ज्ञान का भंडार है। हर व्यक्ति को गीता का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए और उसे आत्मसात करना चाहिए। गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार के निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय, राज्य एवं जिलास्तर पर गीता जयंती महोत्सव मनाए जा रहे हैं। प्रत्येक नागरिक को ऐसे धार्मिक समारोह के साथ जुड़ना चाहिए। जीवन में कामयाबी हासिल करने के लिए मानव को नि:स्वार्थ भाव से काम करना चाहिए। ये बातें उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने दीवान बाल कृष्ण रंगशाला में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
महोत्सव के दूसरे के कार्यक्रम का शुभारंभ जुलाना से विधायक अमरजीत ढांडा को करना था लेकिन वे किन्हीं कारणों से नहीं पहुंचे। कार्यक्रम में पहुंचे डीसी डॉ. मनोज कुमार विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई स्टॉलों का निरीक्षण किया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पर उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि बुजुर्गों की पेंशन दिलवा दो, वे मेरे ऑफिस में आते हैं। कृषि विभाग के स्टॉल पर किसानों को बीमा के पैसे भी दिलाने की बात कही। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, लोक संपर्क विभाग, डीआरडीए समेत सभी विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। गीता महोत्सव कार्यक्रम में शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को अधिक भीड़ रही। यहां कई स्कूलों के बच्चे पहुंचे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं।
इस मौके पर एडीसी डॉ. साहिल गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव रवि हुड्डा, लोक संपर्क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अमित , गुरुकुल विद्यापीठ के संचालक राजेश स्वरूप शास्त्री, कांता शर्मा, रमेश रंगकर्मी भी मौजूद रहे।
बॉक्स
एचटेट के अभ्यर्थियों को छुट्टी के बाद बुलाओ
जिस समय डीसी डॉ. मनोज कुमार गीता जयंती में लगे स्टॉलों का निरीक्षण कर रहे थे, उस समय भीड़ कम होने पर अधिकारियों के बीच बात चली। इस पर डीसी ने कहा कि इस समय एचटेट देने के लिए काफी संख्या में युवा पहुंचे हैं। इन सभी को परीक्षा के बाद गीता जयंती महोत्सव में आमंत्रित किया जा सकता है।
बॉक्स
डीसी के जाते ही स्टॉलों से नदारद हुए कर्मचारी
डीसी डॉ. मनोज कुमार गीता जयंती समारोह से लगभग दो बजे निकले थे। इसके बाद रोजगार विभाग और जिला लोक संपर्क विभाग के स्टॉल पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, वे चले गए। दोनों ही स्टॉलों पर कोई भी कर्मचारी नहीं रहा। डीसी के आने से पहले सभी स्टॉलों पर सभी विभागों के कर्मचारी मौजूद थे।
प्रगति स्कूल के बच्चों ने दी प्रस्तुति
जींद। नव प्रगति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डाहोला के विद्यार्थियों ने शनिवार को जींद में आयोजित गीता जयंती समारोह का आनंद लिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति भी दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान कृष्ण के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना है। गीता में संपूर्ण जीवन ठीक से जीने की प्रेरणा दी गई है। मानव जीवन की समस्याओं का संपूर्ण समाधान गीता में वर्णित है। प्राचार्या लाजवंती ढिल्लो ने बच्चों को इनाम देकर सम्मानित किया और गीता महोत्सव के महत्व के बारे में बताया।