जींद। लगातार दूसरे दिन भी जिले के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जींद में 200 व नरवाना में 140 सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जींद शहर से औसतन प्रतिदिन 125 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन शुक्रवार को ठेकेदार 100 टन कूड़ा भी नहीं उठा पाया। दो दिन में शहर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं।
सफाई कर्मियों ने कहा कि उन्हें आश्वासन नहीं चाहिए। अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। जिला प्रधान विजेंद्र कांगड़ा ने कहा कि सफाई कर्मचारी को पक्का करने, सभी प्रकार के ठेकों एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने, गुरुग्राम के 3480 छंटनी सफाई कर्मचारियों समेत पालिकाओं, परिषदों, निगमों व अग्निशमन के लगभग पांच हजार कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने, पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, 29 अक्टूबर 2022 व पांच अप्रैल 2023 के समझौते को लागू करने, सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां ठीक करने व आरक्षित श्रेणियों का बैकलॉग पूरा किए जाने, अग्निशमन विभाग के 1327 ड्राइवर व फायरमैनों के पद सृजित करने, फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों पर समायोजित कर पक्का किए करने की मांग कर रहे हैं। जब तक उनकी यह सभी मांग पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। हर बार सरकार उन्हें मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है।