संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों की बैठक रविवार को अशोक मित्तल, दयानंद, ओमप्रकाश ढांडा तथा बलजीत सिवाच की अध्यक्षता में नेहरू पार्क में हुई। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवार के सदस्यों की तरफ सरकार द्वारा ध्यान न दिए जाने पर रोष जताया गया। ना ही उनके परिवार को मिलने का कोई समय दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें लिखा है कि स्वतंत्रता सेनानियों की भांति उनके प्रथम पीढ़ी उत्तराधिकारी को भी राष्ट्रीय एवं राजकीय पर्व महोत्सवों पर ससम्मान आमंत्रित किया जाए। स्वतंत्रता सेनानियों की भांति उनकी विधवा को भी मृत्यु उपरांत राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाए लेकिन मौजूदा सरकार इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। ऐसे में लगता है कि मौजूदा सरकार केवल चुनावों के समय ही स्वतंत्रता सेनानी परिवार को याद करती है जबकि उनका स्वतंत्रता सेनानी परिवार से कोई नाता ना है। इसके अतिरिक्त मौजूदा सरकार ने जानबूझकर स्वतंत्रता सेनानी सम्मान समिति को भंग कर दिया है जिसमें स्वतंत्रता सेनानी अपनी बात स्वतंत्रता सेनानी चेयरमैन के सामने रखते थे।
अशोक मित्तल ने बताया कि जो स्वतंत्रता सेनानी व उनके परिवारजनों की पिछले लगभग 4, 5 वर्षों से कन्यादान राशि भी मौजूदा सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया था कि उपायुक्त, तहसील स्तर पर बोर्ड लगवा कर दी जाने वाली सुविधाएं अंकित करवाने व स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर जींद शहर में किसी चौंक का नाम तबदील किया जाए। लगभग दो वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद मौजूदा सरकार द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया है। सरकार स्वतंत्रता सेनानी व उनके आश्रितों पर भी भेदभाव कर रही है। जिसमें दो प्रतिशत का आरक्षण है लेकिन वह केवल कागजों पर है धरातल पर नहीं है। क्योंकि उसमें हैंडीकैप्ट, पूर्व सर्विसमैन के बाद दिया है यह भी हमारे साथ धोखा है। इस संबंध में कई बार मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया लेकिन मौजूदा सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर दयानंद, ओमप्रकाश ढांडा, बलजीत सिवाच, धनपाल मलिक, कुलदीप, सुरेश फौजी, परभी देवी, भाग सिंह मौजूद रहे।