जींद। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल के पंजीकृत के मामले में धोखाधड़ी करने पर 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मुआना निवासी किसान कृष्णा कुमार ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 के खरीफ फसल के दौरान प्रदेश सरकार ने किसानों के फसल रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल लांच किया था। इसमें राज्य के फसल, खाली किसानों को भूमि, फसलों, बैंकों, भुगतान विकल्पों आदि के अपने व्यक्तिगत विवरण ऑनलाइन पंजीकृत करने की सुविधा प्रदान की गई थी। इस योजना को वास्तव में किसानों के लिए खरीद प्रक्रिया को आसान बना दिया।
इस ई-पोर्टल ने सरकार को किसानों को कुछ व्यक्तियों को विभिन्न सुविधाएं, प्रत्यक्ष लाभ और सब्सिडी प्रदान करने में भी सुविधा प्रदान की गई। इसकी जानकारी या सहमति के बिना और भूमि के सही मालिक हुए बिना उसके नाम पर अज्ञात लोगों ने धोखाधड़ी से उसकी फसल (पीआर धान) पंजीकृत कर दी थी, लेकिन बाद में पता चला कि फसल को पोर्टल में पंजीकृत नहीं किया।
इससे उसे और उसके परिवार के सदस्यों को काफी वित्तीय नुकसान हुआ। इसकी जांच को लेकर नकली पंजीकरण के संबंध में सीएम विंडो में एक शिकायत दर्ज कराई। बाद में पता चला कि उसकी फसल पंजीकृत ही नहीं हुई बल्कि आरोपियों ने फसल का अपने नाम से पंजीकरण कर दिया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राजस्व अधिकारियों ने एक जांच की और एक कार्रवाई रिपार्ट तैयार की, जिसमें आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
पुलिस में इस मामले में करनाल के धन सिंह, कैथल के गुरदास सिंह, हरमिंदर कौर अंबाला, प्रयास करनाल, सुशील अंबाला, पवन कुमार करनाल, उदय सिंह, प्रवीण कुमार निवासी असंध के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।