अशरफगढ़ गांव में वीरवार को लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर सुकन्या योजना के खाते खुलवाए जा रहे थे। गांव की महिलाओं से खाते खुलवाने के 200-200 रुपये वसूले गए। इसके बाद जैसे ही पोल खुली तो कुर्सी छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए। अशरफगढ़ गांव में बुधवार रात को मुनादी करवाई थी कि गुरुवार को चौपाल में लाडो लक्ष्मी योजना के आवेदन करने के लिए आएंगे इसलिए वीरवार को गांव की महिलाएं बाहर न जाएं। वह लाडो लक्ष्मी योजना के आवेदन करवा लें।
वीरवार सुबह ही एक युवक और एक युवती चौपाल में पहुंचे। उन्होंने खुद को डाकखाना कर्मचारी बताया। इसके बाद जैसे ही महिलाओं को कर्मचारियों के आने की सूचना मिली तो चौपाल में महिलाओं की भीड़ जुट गई। इसके बाद युवक और युवती ने उनके खाते खोलने और सुकन्या योजना के आवेदन करने शुरू कर दिए, लेकिन जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि यह लाडो लक्ष्मी योजना का नहीं सुकन्या योजना के आवेदन करवा रहे हैं और 200-200 रुपये भी ले रहे हैं। दोनों के पास लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र लोगों की सूची भी थी। वह मोबाइल नंबर पर कॉल कर आवेदन के लिए बुला रहे थे। इस पर वहां ग्रामीण भी पहुंच गए। जैसे ही उनकी पोल खुली तो दोनों कुर्सी छोड़कर चले गए।
स्थानीय निवासी आशा ने बताया कि मैं लाडो लक्ष्मी योजना का आवेदन करवाने आई थी। उसके पति की मौत हो चुकी है और उसकी पांच छोटी-छोटी बेटियां हैं। मेरा आवेदन नहीं हो पाया। वहीं, स्थानीय निवासी उर्मिला ने बताया लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा था। मैं आवेदन करवाने आई थी, लेकिन पता चला कि यहां तो कोई और ही योजना के आवेदन करवाए जा रहे थे।
डाक विभाग की सुकन्या योजना जरूर है, लेकिन लाडो लक्ष्मी योजना उनके विभाग की नहीं है। जो लोग महिलाओं के आवेदन करवा रहे थे, उनके विभाग से थे, या नहीं। इसकी जांच करवाई जाएगी।
-नरेश कुमार, पोस्टमास्टर, डाकखाना जींद