किशोरी की हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने के जुर्म में चार युवकों को उम्रकैद और 23-23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोषियों को जेल में अंतिम सांस तक रहना होगा। सजा के दौरान पैरोल नहीं मिलेगी। अदालत में चले अभियोग के अनुसार न्यू शिवपुरी कॉलोनी निवासी मनीष कुमार ने 20 जून 2017 को शहर थाने में दी शिकायत में कहा था कि उसकी 16 वर्षीय बहन शालू आसपास के गांवों में जागरण और शोभायात्रा में हिस्सा लेती थी। 15 जून 2017 की रात को डूमरखां कलां गांव में जागरण की बात कहकर संत नगर निवासी शुभम और दीपक बहन को घर से लेकर गए थे। उसके बाद से बहन नहीं लौटी। इस पर परिजन डूमरखां कलां गांव पहुंचे तो सरपंच और ग्रामीणों ने कहा कि 15 जून की रात को गांव में जागरण नहीं हुआ था। इसके बाद परिजनों को शुभम और उसके साथियों पर संदेह हुआ। पुलिस ने जब शुभम को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल ली। बाद में उसकी निशानदेही पर जलालपुर कलां के खेतों से शव को बरामद कर लिया था। उसके शरीर पर तेजधार हथियार से वार के निशान थे। दोषी ने खुलासा किया था कि हत्या में उनके साथ जोगेंद्र नगर निवासी अमित उर्फ मंगल व शिवम और दीपक भी शामिल थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। वीरवार को अदालत ने आरोपियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई।