छात्रा को भगाने का दबाव डालकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में एक युवक को सात साल की कैद और 13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने की पर 13 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत में चले अभियोग के अनुसार 10 अगस्त 2016 को एक व्यक्ति ने सदर थाने में दी शिकायत में कहा था कि उसकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। गांव में ही गांव थुआ का रहने वाला अनिल अपने रिश्तेदार के यहां रहता था। छह माह पहले वापस गांव चला गया था। इस दौरान अनिल ने एक फोन उसकी बेटी को दिया था। वह बेटी पर घर से भागने का डबाव डाल रहा था। इससे परेशान होकर बेटी ने मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली थी। बाद में उसकी पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने उस समय शिकायत के आधार पर थुआ निवासी अनिल के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। वीरवार को अदालत ने आरोपी अनिल को सजा सुनाते हुए सात साल की कैद व 13 हजार रुपये जुर्माने लगाया है।