जींद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार को नकली नोटों के मामले में अलीपुरा निवासी सुरेंद्र उर्फ नन्हा, उझाना निवासी बलराज, धरौदी निवासी सुखदेव और घसो निवासी नवीन को दोषी मानते हुए 10-10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में एक साल अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
पुलिस प्रवक्ता अमित कुमार ने बताया कि सीआईए स्टाफ-2 की टीम वर्ष 2016 में अपराधों की रोकथाम के लिए पुराना बस अड्डा उचाना मौजूद थी। इस दौरान टीम को सूचना मिली कि धरौदी निवासी सुखदेव नकली नोट देने का धंधा करता है जो अब नया बस अड्डा उचाना के पास है। वह नकली नोटों सहित काबू आ सकता है। पुलिस ने छापेमारी टीम तैयार करके नया बस अड्डा उचाना पहुंची तो वहां पर खड़ा एक युवक पुलिस की गाड़ी को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। इस पर पुलिस कुछ ही दूरी पर उसे काबू कर लिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 15 हजार रुपये के नकली नोट मिले। इस पर थाना उचाना में अपराध की धारा 489बी और 489 सी आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
इसके बाद पुलिस ने जांच के दौरान अलीपुरा निवासी सुरेंद्र उर्फ नन्हा, उझाना निवासी बलराज, धरौदी निवासी सुखदेव और घसो निवासी नवीन को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों के खिलाफ छह जून 2016 को न्यायालय में चालान पेश किया गया। मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश जयबीर सिंह की अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सभी को 10-10 साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में एक साल अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।