फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व नायब तहसीलदार गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
हैबतपुर गांव के पास एक प्लाट की फर्जी रजिस्टरी के मामले में पुलिस ने आरोपी रिटायर्ड तहसीलदार आनंद कुमार को गिराफ्तार किया। आनंद कुमार हिसार के गांव मुगलपुरा के रहने वाले हैं और दो साल पहले ही जींद तहसील में नायब तहसीलदार पद से रिटायर्ड हुए हैं। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में तहसील के एक लिपिक समेत चार अन्य लोग भी आरोपी है।
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार अर्बन इस्टेट निवासी सुशीला ने वर्ष 2017 में पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि गांव हैबतपुर के पास उसका प्लाट है। खुंगा गांव निवासी उसका भतीजे जितेंद्र और हितेंद्र के साथ इस प्लाट का सौदा 22,95,000 रुपये में तय हुआ। जितेंद्र तथा हितेंद्र ने प्लाट की रजिस्ट्री अपनी पत्नी सुमन तथा ज्योति के नाम करवाने की बात कही। तहसील में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राशि ज्यादा होने की बात कर आरोपियों ने उसे रकम घर पर देने की बात कही। सुशीला के अनुसार उसने तहसील में जमीन उनके नाम करवाने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद जितेंद्र तथा हितेंद्र ने उसके प्लाट पर मलकियत का दावा करते हुए प्लाट पत्नियों के नाम होने की बात कही। सुशीला का आरोप है कि तहसील का एक कर्मचारी जयपाल आरोपी हितेंद्र व जितेंद्र का रिश्तेदार है। उसने उनके हस्ताक्षर को स्केन कर फर्जी तरीके से रजिस्टरी की। सुशीला का कहना है कि उसने न तो अर्जी नवीस के रजिस्टर में हस्ताक्षर किए हैं और न ही खरीददारों के साथ रुपयों का लेनदेन हुआ । जब उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई। सदर थाना पुलिस ने सुशीला की शिकायत पर गांव खुंगा निवासी जितेंद्र और उसकी पत्नी सुमन, हितेंद्र और उसकी पत्नी ज्योति, तहसील कार्यालय के कर्मचारी जयपाल व तत्कालीन नायब तहसीलदार आनंद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि तत्कालीन नायब तहसीलदार पर धोखाधड़ी के आरोप हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें