जुलाना में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते परमेंद्र सिंह ढुल
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वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जुलाना विधानसभा क्षेत्र से गत वर्ष भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके पूर्व विधायक परमेंद्र सिंह ढुल कृषि विधेयकोें के मामले में किसानों के साथ खड़े हो गए हैं। ढुल ने कहा कि तीनों विधेयक वर्तमान स्वरूप में किसानों को तबाह कर देंगे। केंद्र सरकार ने एक ही झटके में स्वामीनाथन आयोग, न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था, न्यायिक व्यवस्था तथा मंडी व्यवस्था को धराशायी कर दिया है। ढुल रविवार को जुलाना में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़कर किसानों के दर्द को सुना पड़ेगा। आज के समय में मंडी व्यवस्था को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि किसान को अपनी फसल की अच्छी कीमत मिल सके। देशभर में लगभग सात हजार मंडियां हैं, इनको 42 हजार करने की जरूरत है। सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए। विधेयक में न्यूनतम समर्थन मूल्य की बाध्यता का न होना, खरीदार से विवाद होने की स्थिति में किसानों को न्यायालय में जाने का प्रावधान न दिया जाना, कंपनियों को आवश्यक वस्तुओं के भंडारण की छूट दिया जाना समेत कई फैसले हैं, जिससे किसानों के मन में शंका पैदा होती है।
ढुल ने कहा कि इन किसान विरोधी कानूनों को वापस लिए जाने को लेकर वह प्रजातांत्रिक दबाव बनाने के लिए हर दरवाजे पर दस्तक देंगे। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा वह किसानों के साथ मिलकर उनके हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
भाजपा को अभी नहीं छोड़ा
एक सवाल के जवाब में परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि उन्हें पार्टी का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने किसानों के साथ अन्याय होता देखा तो वह उनके साथ खड़े हो गए। फिलहाल वह भाजपा में ही हैं। किसानों के हक के लिए वह हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
जींद में आंदोलन को मिलेगी मजबूती
ढुल के इस तरह किसानों के समर्थन में उतरने से किसान आंदोलन को जिले में काफी मजबूती मिलेगी। पहले भी जींद में किसान आंदोलन काफी प्रभावी रहे हैं। कांग्रेस पहले ही किसानों के समर्थन में उतर चुकी है। अब ढुल के आने से किसानों को एक दमदार किसान नेता मिल गया है।