फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: नेशनल हाईवे पर फोरलेन निर्माण की लेटलतीफी पड़ रही भारी, 10 साल बाद भी चल रहा काम

Fri, 24 Feb 2023 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
 मौके पर खड़ी पंजाब रोडवेज की बस व जांच करती पुलिस। संवाद
विज्ञापन
जुलाना। रोहतक से गुजरते हुए जींद की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-352 पंजाब और हरियाणा को जोड़ता है। यह रेवाड़ी से शुरू होकर जालंधर तक जाता है। इसमें रेवाड़ी से रोहतक तक फोरलेन का काम काफी समय पहले पूरा हो चुका है, लेकिन 10 साल बाद भी रोहतक-जींद के बीच चार-पांच जगह राजमार्ग पर ओवरब्रिज बनाने का काम चल रहा है। जुलाना में भी पोली और किलाजफरगढ़ के पास एनएच-352 के फोरलेन का काम चल रहा है। निर्माण के चलते राजमार्ग को जगह-जगह वन-वे किया हुआ है, जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। देरी से चल रहे प्रोजेक्ट की वजह से वाहन चालक हादसों का भी शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन

पोली गांव के पास स्थित भिवानी ब्रांच नहर से लेकर किलाजफरगढ़ के जलेबी चौक तक रास्ता वन-वे है। सुबह के समय कुछ धुंध भी थी लेकिन रास्ता साफ दिखाई दे रहा था। इस वन-वे रास्ते पर नई सड़क बनाई गई है, जिस पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं। यदि जरा सी लापरवाही हो जाए तो वाहनों की आमने-सामने की टक्कर हो जाती है। इसी कारण किलाजफरगढ़ गांव के बीच सुबह आठ बजे इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई।

पहले भी हो चुके हैं हादसे
निर्माणाधीन जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। 25 नवंबर को जैजैवंती गांव के पास वन-वे होने के कारण एक रोडवेज बस की ट्रक से टक्कर हुई थी। इसमें ट्रक चालक राजस्थान निवासी सुखबीर की मौत हो गई थी, जबकि 50 यात्रियों को मामूली चोटें आई थीं। चार फरवरी को भी किनाना गांव के पास एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। इस हादसे में गांव ढाठरथ निवासी मां-बेटे की मौत हो गई थी। इससे पहले भी इस सड़क मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं। वीरवार को हुए हादसे में बोहर गांव के युवक संदीप (32), उसकी भांजी वर्षा (17) और सुनारिया चौक निवासी संजय उर्फ बबलू की मौत हो गई, जबकि रामकली, संतोष, जतिन व देव घायल हो गए। संजय उर्फ बबलू मूल रूप से कैथल के गांव कुराड़ का रहने वाला था। सितंबर 2022 में लाखनमाजरा व रोहतक के बीच सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


2015 तक पूरा होना था प्रोजेक्ट, अब तक चल रहा
रोहतक-जींद राजमार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा जून 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने की थी। परियोजना के तहत रोहतक-जींद-नरवाना पंजाब सीमा तक करीब 92 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन करना था। पहले चरण में रोहतक से अनूपगढ़ गांव तक की 48 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन किया जाना था। इसके लिए 283.31 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था। इस पर काम भी शुरू हो गया था। इसे 2015 तक पूरा करना था, लेकिन निर्माण कंपनी द्वारा काम बीच में रोक दिया गया। इसके बाद केंद्र व राज्य में सरकार बदलने पर परियोजना कानूनी विवादों में फंस गई। 2019 में दोबारा काम शुरू हुआ, जो अब तक चल रहा है।
बचपन से ही मामा के घर रह रही थी वर्षा
हादसे के बाद से बोहर गांव में मातम का माहौल है। संदीप के दोस्त विनोद ने बताया कि पूरा परिवार खुशी-खुशी शादी में गया था। वीरवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सूचना मिली कि रास्ते में जींद के किलाजफरगढ़ के पास हादसा हो गया है। पहले संदीप की मौत की सूचना आई। बाद में पता चला कि संदीप की भांजी वर्षा की भी मौत हो गई है। वर्षा बचपन से ही मामा के घर रह रही थी। शाम को गमगीन माहौल में मामा-भांजी के शवों का बोहर गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें