06जेएनडी25: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी जानकारी देते हुए। फाइल फोटो।
जींद। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अक्तूबर माह में आए हुए सरसों के तेल को निर्धारित समय में वितरित नहीं कर सका। जिसके चलते अक्तूबर माह के तेल को अब 30 नवंबर तक वितरित किया जाएगा। अक्तूबर माह में विभाग के पास 152959 लीटर तेल बकाया रह गया था। इसके अलावा नवंबर माह में भी विभाग को 432356 लीटर तेल अलग से वितरण करना होगा।
नवंबर माह में अक्तूबर व नवंबर माह का तेल एक साथ वितरित करना विभाग के जी का जंजाल बनेगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग उन सभी उपभोक्ताओं को राशन में दो लीटर सरसों का तेल 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दे रहा है। जिनकी परिवार पहचान पत्र में आमदनी 1.80 लाख रुपये तक है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास 216153 उपभोक्ता है। जिनको प्रतिमाह 432356 लीटर तेल वितरित किया जाता है। इसके अलावा पिछले तीन महीने से राशन में की जा रही कटौती से भी उपभोक्ता परेशान हैं। गेहूं में दस तो इस बार बाजरे में 23 प्रतिशत की कटौती हैफेड द्वारा की गई है। इसके कारण राशन कार्ड धारकों व डिपो धारकों के मध्य विवाद होने का डर बना रहता है। विभाग ने सभी डिपो धारकों को निर्देश दिए हैं कि जो उपभोक्ताओं अक्तूबर माह में सरसों का तेल लेने से वंचित रह गए थे। उनको नवंबर माह में दोनों महीनों का तेल दिया जाए।
किसी उपभोक्ता को नहीं रहने दिया जाएगा वंचित
अक्तूबर महीने में लगभग 66 प्रतिशत ही सरसों के तेल का वितरण हो पाया था। जिसके चलते विभाग के पास सरसों के तेल की ज्यादा मात्रा बच गई। इस पर उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए निर्णय लिया है कि नवंबर माह में दोनों महीनों का तेल उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। अगर किसी उपभोक्ता को सरसों का तेल नहीं मिलता है तो वह विभाग के कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा सकता है।