जींद। जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई की बैठक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ईक्कस में शुक्रवार को हुई। अध्यक्षता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने की जबकि प्रधानाचार्य डायट मुन्नी देवी ने सचिव के रूप में मंच संचालन किया। बैठक में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, एबीआरसी, बीआरपी और क्लस्टर हेड शामिल हुए।
बैठक का मुख्य केंद्र निपुण भारत मिशन के तहत चल रही एफएलएन गतिविधियों की समीक्षा रहा। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने जिले की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए सेंसस रिजल्ट और सी कैटेगरी में आए विद्यालयों के बारे में चर्चा की। विशेष रूप से जिले के बॉटम दस विद्यालयों की एफएलएन विजिट रिपोर्ट पर चर्चा की गई।
राजेश वशिष्ठ ने घोषणा की कि मार्च में कक्षा तीसरी के बच्चों के लिए एफएलएस पेपर आयोजित किया जाएगा जिससे बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता का आकलन हो सके। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी रणपाल, सुरेश मलिक और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अमनदीप, प्रवीण, बलराज, कुसुम, सुमन और पुष्पा मौजूद रहीं।
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कमजोर बच्चों पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रधानाचार्य मुन्नी देवी ने कहा कि एफएलएन कार्यक्रम रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर समझ विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने एबीआरसी और बीआरपी को निर्देश दिए कि वे निर्धारित विजिट समय पर पूरी करें और उन बच्चों पर विशेष ध्यान दें जिनकी दक्षता कमजोर है। डीईईओ महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक डीपीआईयू सदस्य एक ऐसे विद्यालय को गोद ले, जहां एफएलएन गतिविधियां कमजोर हैं, ताकि वहां व्यक्तिगत रूप से सुधार लाया जा सके।
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वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी
सत्र के समापन को देखते हुए कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे परीक्षाओं से पूर्व बच्चों की शैक्षणिक कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करें। डीपीसी समग्र शिक्षा किरण बाला और उप जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पा मोर ने कहा कि यह मिशन बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।