05जेएनडी35: प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को परखने और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता के लिए प्र
जींद। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को परखने और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का आकलन करने के लिए छह से आठ मई तक एफएलएस (फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी) मूल्यांकन आयोजित किया जाएगा। 23 चयनित विद्यालयों में कक्षा चौथी के विद्यार्थियों का हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों में परीक्षण किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार के स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि मूल्यांकन के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के सभी फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स (एफआई) को डाइट द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
प्रशिक्षण में टैबलेट के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई ताकि फील्ड में कार्य के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए। उन्होंने बताया कि एफआई अपने-अपने निर्धारित विद्यालयों में जाकर तय कार्यक्रम के अनुसार मूल्यांकन कार्य करेंगे।
इसके साथ ही डाइट की ओर से ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं जिन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर निरीक्षण के दौरान जरूरी बिंदुओं पर ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग ने एक गूगल लिंक भी जारी किया है जिसे ऑब्जर्वरों को उसी दिन भरना अनिवार्य होगा।
राजेश वशिष्ठ ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2022 में यह अध्ययन किया गया था। इस बार चौथी कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर यह जाना जाएगा कि बच्चों ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में कितनी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि इस मूल्यांकन से प्राप्त आंकड़े शिक्षा स्तर को सुधारने में सहायक होंगे।
डाइट के डॉ. जगमेन्द्र और डॉ. राजेश सैनी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।