संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। जिले में पराली जलाने वाले किसानों पर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। हरसेक से पता चलने पर जिले के दो किसानों को चिह्नित किया गया और उन पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए कृषि विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके बाद भी किसान पराली जला रहे हैं।
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने पराली जलने के मामले में नंबरदारों की जिम्मेदारी तय की है। इसके अलावा एडीसी भी किसानों से रूबरू हो चुके हैं। कृषि विभाग की वैन गांवों में जाकर लोगों को पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित कर रही है। पराली जलने के मामले में हरसेक के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। हरसेक से पराली जलाने का पता लगने पर गांव ढाबी टेकसिंह के किसान धर्मदास व दनौदा कलां गांव के किसान बलजीत पर धान की फसल के अवशेष जलाने पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले उचाना उपमंडल के गांव छात्तर के किसान अजय और सफीदों उपमंडल के शीलाखेडी गांव के किसान सुरेंद्र को अपने खेत में पराली जलाने पर 2500-2500 रुपये की राशि का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा हरसेक के माध्यम से पालवां गांव का किसान भी चिह्नित किया गया है जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। इस किसान पर विभाग जुर्माना लगाने की तैयारी में है।
वर्जन
गांव-गांव जाकर किसानों को धान के अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी कुछ किसान अपने खेतों में फसल के अवशेष जला रहे हैं। ऐसे किसान को सरकार द्वारा मिलने वाले सभी तरह के अनुदान से बाहर कर दिया जाएगा। यदि उसके बाद भी वह धान की फसल के अवशेष जलाता है तो उसको छह महीने की जेल भी हो सकती है।-सुरेंद्र मोर बीएओ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।