वैक्सीन चोरी के मामले में नागरिक अस्पताल की सुरक्षा पर उठे सवाल
हर महीने सुरक्षा पर खर्च हो रहे साढ़े पांच लाख, फिर भी चोरी
माई सिटी रिपोर्टर
जींद। नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर स्थित कोरोना वैक्सीन की 1710 डोज चोरी होने की घटना ने नागरिक अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की सुरक्षा पर हर महीने करीब साढ़े लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन यहां पर सुरक्षा राम भरोसे है। अब सीसीटीवी कैमरे में कैद परछाइयों के सहारे पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
नागरिक अस्पताल की सुरक्षा पर आए दिन सवाल उठते रहते हैं। सप्ताह में दो से तीन बार बाइक चोरी की घटनाएं हो रही हैं। अस्पताल में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद आज तक चोरों को नहीं पकड़ा जा सका है। ऐसे में इस बार चोरों ने कोरोना वैक्सीन चुरा कर नागरिक अस्पताल प्रबंधन व पुलिस की कलई खोल दी है। नागरिक अस्पताल में एजेंसी के 30 कर्मचारी सुरक्षा में तैनात हैं। रात को नौ लोगों की ड्यूटी होती है, लेकिन इनमें से अधिकतर वार्ड व आपातकालीन कक्ष के बाहर ही रहते हैं। वहीं प्रति वर्ष करीब डेढ़ लाख रुपये सीसीटीवी कैमरे के रखरखाव पर खर्च किए जाते हैं।
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15 दिन पहले लिखा सीसीटीवी कैमरे लगवाने का पत्र, नहीं जागा अस्पताल प्रबंधन
दरअसल पीपी सेंटर में कोरोना का टीकाकरण भी किया जा रहा है। यहां काफी लोग आते हैं। ऐसे में पीपी सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए करीब 15 दिन पहले ही पत्र लिखा गया था। यदि स्वास्थ्य विभाग इस पर समय रहते अमल करता तो शायद चोरी की वारदात न होती।
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पीपी सेंटर में सीसीटीवी कैमरा नहीं होना नागरिक अस्पताल की लापरवाही है। इसके अलावा उनका सुरक्षा स्टाफ भी वहां होना चाहिए था। बहरहाल वहां के सीसीटीवी कैमरे में भी तस्वीर साफ नहीं है। न तो कपड़ों का पता चल रहा है और न ही व्यक्ति का। सिर्फ परछाई जैसा दिख रहा है। पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
ओपी नरवाल, डीआईजी।
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22जेएनडी 15: घटना के बाद पीपी सेंटर में जानकारी लेने पहुंचे डीआईजी ओपी नरवाल व प्रतिरक्षण प्रभारी डॉ. रमेश पांचाल। अमर उजाला