जींद। गेहूं खरीद के नए नियमों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर की अनाजमंडी में आठ दिन पहले आई गेहूं भी नमी के नाम पर नहीं खरीदी जा रही। इसके कारण अधिकतर किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू नहीं कराई। जिलेभर की मंडियों में अब तक 9 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई है जबकि करीब 20 हजार क्विंटल की खरीद की गई।
शहर की अनाज मंडी में किसानों के लिए एक नहीं बल्कि कई तरह की परेशानियां हैं। एक तो मंडी में धर्मकांटे नहीं चल रहे। इसके कारण किसानों को पहले निजी कांटों पर ट्राॅली का वजन करवाना पड़ रहा है। इसके कारण किसानों को अपनी जेब से रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। फिलहाल मंडी में किसानों से गेट पास काटकर और पंचिंग करवाकर गेहूं उतरवाए जा रहे हैं।
मंडी में जो गेहूं दो अप्रैल को लाई गई थी। उसको भी नमी का हवाला देकर खरीदा नहीं जा रहा। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन की बुधवार को शिव कॉलोनी स्थित किसान भवन में छज्जू राम कंडेला की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल, जिला प्रधान बिंद्र नंबरदार ने बताया कि किसानों की फसल बिक्री पर सरकार द्वारा अनावश्यक शर्तों, बायोमीट्रिक, ट्रैक्टर नंबर प्लेट की अनिवार्यता लगाई गई है।
इसके विरोध में वीरवार से अनाज मंडी में धरना शुरू किया जाएगा। रामराजी ढुल ने कहा कि 11 अप्रैल को चार घंटे पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा। नई अनाज मंडी में धरना तब तक जारी रहेगा जब तक नए नियम वापस नहीं होते। बैठक के बाद मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। वहां पीने के पानी, सफाई समेत अन्य दूसरी सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग उठाई।
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गेहूं की ढेरियों का निरीक्षण किया
अनाज मंडी में एफसीआई की टीम ने गेहूं की ढेरियों का निरीक्षण किया। गेहूं की ढेरियों से कई नमूने लिए। आढ़तियों ने अधिकारियों से मांग की है कि मौसम के कारण गेहूं का रंग फेड हुआ है। रंग फेड में छूट दी जाए। जांच करवाने के बाद आढ़तियों को राहत की उम्मीद है।
नरवाना, अलेवा मंडी में ही गेहूं की खरीद शुरू हुई
अभी तक नरवाना, अलेवा मंडी में ही गेहूं की खरीद शुरू हुई है। इसके अलावा अन्य मंडियों में किसानों के गेट पास कटवाकर मंडी में गेहूं उतरवाई जा रही है। अधिकतर गेहूं को मंडियों में सुखाया जा रहा है।
आढ़तियों और किसानों ने तिरपाल मंगवाए
अनाज मंडी में बरसात से गेहूं की ढेरियों को बचाने के लिए आढ़तियों और किसानों ने तिरपाल मंगवाए हैं। हालांकि अभी तक शहर की अनाज मंडी में ज्यादा गेहूं की आवक नहीं हुई। इसके कारण अधिकतर गेहूं को शेड के नीचे ही उतरवाया गया है।
वर्जन
शहर की अनाज मंडी में गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। खरीद एजेंसियों ने मंडी में गेहूं की नमी की जांच की। नमी की मात्रा 12 से 15 प्रतिशत तक पाई गई। अब उम्मीद है कि वीरवार से मंडी में खरीद शुरू हो सकेगी।-संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव जींद।
08जेएनडी16-अनाज मंडी में किसानों को सुविधाएं देने की मांग को लेकर मार्किट कमेटी कार्यालय पहुंचे