फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: हाट गांव में पशु तालाब में मछलियां मरीं, बीमारी फैलने का डर

विज्ञापन
8 सफीदों 03गांव हाट के पशु तालाब में पानी के ऊपर तैरती हुई मृत मछलिया। संवाद
विज्ञापन
सफीदों। गांव हाट में हाटकेश्वर धाम के पास वाले पशु तालाब में दो दिनों से बड़ी संख्या में मछलियां मृत पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक करीब चार से पांच क्विंटल मछलियां मर चुकी हैं। ग्रामीणों ने तालाब में जहरीला पदार्थ डाले जाने की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मरी हुई मछलियों को जल्द नहीं निकाला गया तो गांव में बीमारी फैल सकती है।
विज्ञापन

रामकुमार, बलवान, सतबीर और रणबीर ने बताया कि मछली पालन का ठेकेदार मछलियों को निकालने में लापरवाही बरत रहा है। यह तालाब पूरे गांव के पशुओं को पानी पिलाने और नहलाने का एकमात्र स्रोत है।
कुछ पशुपालकों ने पशुओं को तालाब में लाना बंद कर दिया है। उन्हें पशुओं के बीमार होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, हाटकेश्वर कमेटी ने यह तालाब मछली पालकों के ठेकेदार को ठेके पर दिया हुआ है। यह काम कई सालों से चल रहा है और पहले भी तालाब में मछलियां मर चुकी हैं पर कमेटी पर कोई असर नहीं हुआ।
विज्ञापन

ग्रामीण नफे सिंह ने बताया कि तालाब में मरी मछलियों की बदबू से गांव के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि मछलियों को जल्द बाहर नहीं निकाला गया तो समस्या और बढ़ सकती है। अन्य बची हुई मछलियां भी मर सकती हैं।
पशुपालकों के सामने पानी का संकट
ग्रामीण बलबीर सिंह ने बताया कि हाटकेश्वर धाम के पास स्थित यही एकमात्र तालाब पशुओं को पानी पिलाने के लिए है। मछलियों के मरने से पशुपालकों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। गांव में पानी की सप्लाई कुछ मिनटों के लिए ही आती है। उन्होंने मांग की कि तालाब से मछलियों को निकालकर स्वच्छ पानी भरा जाए।
वर्जन
मछलियां किस कारणों से मरी हैं इसका पता लगवाया जाएगा और ठेकेदार से मछलियां निकलवाकर तालाब को स्वच्छ पानी से भरवाया जाएगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।-बीरबल, सरपंच गांव हाट।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें