जींद। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में फायर सेफ्टी व्यवस्था ठप है। कार्यालय में लगे फायर सेफ्टी सिलिंडर 14 महीने पहले एक्सपायर हो चुके थे। 20 दिन पहले फायर सेफ्टी सिलिंडरों को रिफिल करवाने के लिए उतार लिया गया था।
अभी तक नए या रिफिल किए गए सिलिंडर नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में सुरक्षा भगवान भरोसे है। एसपी कार्यालय में प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में फरियादी शिकायत लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा पुलिस कर्मचारी और अधिकारी भी पूरे दिन कार्यालय में मौजूद रहते हैं।
ऐसे में यदि किसी भी प्रकार की आगजनी या शॉर्ट सर्किट की घटना घटित होती है तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। बावजूद इसके फायर सेफ्टी को लेकर संबंधित विभागों की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है। मामला केवल एसपी कार्यालय तक सीमित नहीं है।
लघु सचिवालय के नए भवन जहां पर एडीसी कार्यालय के अतिरिक्त और भी कई विभागों के भवन हैं। यहां भी फायर सेफ्टी सिलिंडर गायब है। वहीं आरटीए व सरल केंद्र के सामने से भी फायर सेफ्टी सिलिंडरों को रिफिल के लिए उतारा गया था लेकिन वहां भी अब तक इन्हें दोबारा नहीं लगाया गया है।
लापरवाही बन सकती किसी बड़े हादसे का कारण
लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी और आम नागरिक आते-जाते हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी उपकरणों का न होना एक बड़ी चूक मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस ओर कब गंभीरता दिखाता है। एसपी कार्यालय व लघु सचिवालय में फायर सेफ्टी सिलिंडर दोबारा कब लगाए जाते हैं। यदि समय रहते इस कमी को दूर नहीं किया गया तो पीडब्ल्यूडी की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है।
वर्जन
एसपी कार्यालय और लघु सचिवालय भवन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आते हैं। नियमों के अनुसार इन भवनों में फायर सेफ्टी सिलिंडरों की समय-समय पर जांच, रिफिल और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की होती है। इसके बावजूद 14 महीने तक एक्सपायर सिलिंडर लगे रहना और फिर उन्हें उतारने के बाद दोबारा न लगाना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
-वीरेंद्र जांगड़ा एडवोकेट।
आगजनी की घटनाएं बिना किसी भी समय हो जाती हैं और ऐसे समय में फायर सेफ्टी सिलिंडर ही शुरुआती स्तर पर आग को काबू करने के सबसे प्रभावी साधन होते हैं। यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाए तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे में सरकारी भवनों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
-सत्येंद्र कुमार अधिवक्ता
-
अगर किसी भी सरकारी कार्यालय में फायर सेफ्टी सिलिंडर नहीं लगा है तो यह गंभीर लापरवाही है। इसके लिए संंबंधित विभाग से जानकारी ली जाएगी। किसी भी प्रकार की घटना होने पर संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा। फायर सेफ्टी सिलिंडर नहीं लगवाए जाने को लेकर विभाग से जवाब मांगा जाएगा।
-सुखबीर यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी जींद।