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भिवानी रोड रेलवे फाटक पर अंडरपास की फाइल मुख्यालय में अटकी

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जींद। करीब दो साल से योजनाओं में उलझे भिवानी रोड रेलवे फाटक पर बनने वाले अंडरपास की फाइल अब मुख्यालय में अटकी पड़ी है। ऐसे में यहां बनने वाले आरओबी या अंडरपास पर कोई फैसला नहीं हो सका है। अभी भिवानी रोड पर अंडरपास बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर शाखा द्वारा दो महीने पहले सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इस पर फैसला नहीं हो पा रहा है। इस परियोजना के लिए पहले 35 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर वर्क अलाट भी कर दिया गया था, लेकिन दुकानदारों के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया।
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गौरतलब है कि करीब चार साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा भिवानी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी की घोषणा की गई थी। इसके लिए करीब एक साल पहले 35 करोड़ रुपये का टेंडर भी छोड़ा गया और आरओबी निर्माण करने वाली कंपनी ने अपनी मशीन भी यहां पहुंचा दी थी। इसके बाद भिवानी रोड के दुकानदारों ने विरोध किया तो काम बीच में ही रोक दिया गया और सरकार ने यहां अंडरपास की संभावनाएं तलाशनी शुरू की। अब एक साल से नई परियोजना में ही काम लटका हुआ है। बता दें कि दिल्ली-भठिंडा व्यस्त रेलवे मार्ग है। कोरोना संक्रमण शुरू होने से पहले इस रूट पर प्रतिदिन 70 से अधिक ट्रेन निकलती थी। जिससे दिनभर फाटक बंद रहने से वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती।
दुकानदार बोले- बर्बाद हो जाएगा कारोबार
दरअसल भिवानी रोड पर मशीनरी की मार्केट है। यहां बाइक से लेकर गाड़ियों, ट्रैक्टर की मरम्मत का काम होता है। यहां करीब 500 दुकानें हैं। लोगों का कहना है कि आसपास की पांच कॉलोनियों के करीब 15 हजार लोग भी प्रभावित होंगे। दरअसल आरओबी भगतसिंह मार्केट से शुरू होना था। ऐसे में पूरी मार्केट आरओबी के नीचे दब जाएगी। इसके कारण जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने सरकार को अंडरपास का प्रस्ताव भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब यहां अंडरपास बनाया जाना है, लेकिन परियोजना बीच में ही लटक गई है।
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तीन एजेंसियों ने जारी है फिजिबिलिटी
भिवानी रोड पर अंडरपास की फिजिबिलिटी जांचने का काम तीन एजेंसियों को सौंपा गया। पिछले साल सितंबर महीने में यहां पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, रेलवे व एक निजी विशेषज्ञ ने मिलकर अंडरपास की संभावनाएं तलाशी थी। इसके बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। अब फिर से पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर शाखा द्वारा अंडरपास का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
भिवानी रोड पर साढ़े पांच मीटर व मिनी बाईपास पर साढ़े सात मीटर अंडरपास का प्रस्ताव
दरअसल दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन भिवानी रोड को शहर से अलग करती है। इसको जोड़ने के लिए देवीलाल चौक से सीधा भिवानी रोड का रास्ता है, जहां रेलवे फाटक है। दूसरा रास्ता मिनी बाईपास से है। यहां करीब दस साल पहले रास्ता तो बन गया, लेकिन रेलवे लाइन को क्रास करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर शाखा ने भिवानी रोड पर साढ़े पांच मीटर चौड़े तो मिनी बाईपास पर साढ़े सात मीटर चौड़े अंडरपास के लिए प्रस्ताव भेजा है।
सरकार को भेजा गया है प्रस्ताव
आरओबी पर दुकानदारों के विरोध के बाद अब सरकार को अंडरपास का प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसके चलते कोई काम शुरू नहीं हुआ है। प्रस्ताव में अंडरपास के फायदे व संभावित अवरोधों की जानकारी दी गई है। इस पर सरकार को फैसला लेना है।
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- नवनीत नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
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