15जेएनडी38 : अस्पताल में लगाए गए क्यूआर कोड की जानकारी देते हुए पीएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों को अब विभिन्न सेवाओं के लिए फीस जमा करवाने के लिए खुले रुपयों की परेशानी से नहीं जूझना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने पर्ची कटवाने, दाखिला फाइल बनवाने सहित अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए जगह-जगह क्यूआर कोड लगवाए हैं।
मरीज और उनके परिजन मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। हालांकि, नकद भुगतान का विकल्प भी जारी रहेगा, ताकि मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1800 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। यहां पर्ची बनवाने, दाखिला फाइल तैयार करवाने, कुत्ते और बंदर के काटने पर उपचार संबंधी सेवाओं तथा मेडिकल जांच के लिए मरीजों को निर्धारित शुल्क जमा करवाना पड़ता है।
अब इन सेवाओं के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलने से मरीजों को नकदी साथ रखने और खुले रुपये जुटाने की चिंता कम होगी। अस्पताल में पहले कई बार खुले रुपये नहीं होने के कारण मरीजों और काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों के बीच परेशानी की स्थिति बन जाती थी। क्यूआर कोड से भुगतान होने पर इस तरह की दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी। मरीज अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल या नकद भुगतान कर सकेंगे।
वर्जन
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में विभिन्न स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल आते हैं, ऐसे में डिजिटल भुगतान से उन्हें सहूलियत मिलेगी। जिन मरीजों के पास मोबाइल से भुगतान करने की सुविधा नहीं है, वे पहले की तरह नकद राशि भी जमा करवा सकेंगे। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।