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Jind News: फतेहगढ़ का अखाड़ा, यहां से निकलते हैं सेना व पुलिस के जवान और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

Sun, 01 Dec 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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30जेएनडी01: फतेहगढ़ गांव में बच्चों को खेल के गुर सिखा रहे संजीत कौशिक। संवाद
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जुलाना। जुलाना-नंदगढ़ पहुंच मार्ग पर छोटा सा गांव है फतेहगढ़, इसे आसपास के इलाके में छान्या नाम से भी जाना जाता है। गांव से बाहर सरकारी स्कूल के साथ लगती खाली जमीन (निमार्णाधीन मिनी स्टेडियम) पर दर्जनों बच्चे कुश्ती और कबड्डी के दांव पेंच लगाते हैं। इन बच्चों को सरकार के खेल विभाग का कोई कोच नहीं, बल्कि गांव का ही युवक संजीत कौशिक और एक वृद्ध पहलवान जयभगवान ही खेलों के दांव पेंच सीखाते हैं।
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इस गांव की मिट्टी ने पिछले 19 वर्षों में कई सेना और पुलिस के जवान दिए हैं तो यहां कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय,राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपना दमखम दिखाकर नाम कमाया है। इस अखाड़े के शुरू होने से गांव के बच्चों का स्वास्थ्य मजबूत हो रहा है। गांव निवासी संजीत कौशिक (50) बताते हैं कि उनके पिता भैयाराम कौशिक सरकारी स्कूल मेें हिंदी अध्यापक थे। उनकी खेलों के प्रति बड़ी रूचि थी। इसके चलते वह स्कूल में बच्चों को बेडमिंटन और कुश्ती के न केवल प्रेरित करते थे, बल्कि समय निकालकर उन्हें इन खेलों के गुर भी सिखाते थे। उनके पिता का सपना था कि गांव के बच्चे खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाएं, लेकिन अचानक वर्ष 1990 में एक सड़क दुर्घटना में उनकी आकस्मिक मौत हो गई। संजीत कौशिक ने बताया कि उस दौरान वह नौंवी कक्षा का छात्र था। कुछ वर्ष बाद मन में आया कि क्यों न पिताजी का सपना साकार किया जाए। इसी सपने को जहन में लेकर अपने खेत के एक कौने मे 5-7 बच्चों को ही कबड्डी और कुश्ती के गुर सिखाने लगे। इस कार्य में अपने जमाने के नामी पहलवान रहे गांव निवासी जयभगवान(63) ने सहयोग देना शुरू किया । गांव के बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक किया गया और देखते ही देखने उनके अखाड़े में बाल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने लगी। बाल खिलाड़ी युवा हुए तो वह राज्य, राष्ट्रीय और इंटर नेशनल स्तर पर अपना नाम कमाने लगे। इसी अखाड़े की मिट्टी में पसीना बहाने वाली मनीषा दलाल ने वर्ष 2010 के एशियाड खेलों में कबड्डी गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम की सदस्या रही। मनीषा इस समय हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। सुदेश दुहन ने कुश्ती खेलते हुए 4 विदेशी टूर किए और 800 मीटर की दौड़ में स्टेट अवार्ड जीता। इसके बाद वह कुश्ती कोच के पद पर नियुक्त हुई। इस तरह से फतेहगढ़ के अखाड़े से निकले कई युवा हरियाणा,दिल्ली व चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं तो कई युवा भारतीय सेना में जाकर देश की रक्षा कर रहे हैं।
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बाक्स

फतेहगढ़ के अखाड़े में सफलता पाने वाले खिलाड़ियों की सूची में ये हैं प्रमुख नाम

1- मनीषा दलाल, वर्ष 2010 के एशियाड खेलों में कबड्डी गोल्ड मेडल, अब हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर

2- सुदेश दुहन, 800 मीटर की दौड़ में स्टेट अवार्डी, अब कुश्ती कोच

3- सरोज कबड्डी स्टेट मेडल ।

4- पूनम कुश्ती स्टेट मेडल ।

5- प्रदीप कुमार कबड्डी स्टेट मेडल ।

6- जसमेर सिंह सेना में ।

7- बिजेन्दर सिंह सेना में ।

8- मुकेश कुमार चंडीगढ़ पुलिस ।

9- अजय कुमार चंडीगढ़ पुलिस ।

10- सुनील कुमार सेना में ।

11- सीटू देहली पुलिस ।

12- बिट्टू सेना में ।

13- भतेरी कबड्डी जिला मेडल ।

14- सुमन हरियाणा पुलिस ।

15: सागर सेना में।

16 अनिल कुमार सेना में।

17 सुनील कुमार सेना में।

18 जसमेर सेना में।
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