जिले भर में महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा। सुबह से निर्जल रही सुहागिन महिलाओं ने दोपहर बाद करवा चौथ की कथा सुनकर जल ग्रहण किया। इसके बाद रात को चांद का दीदार कर व्रत खोला। सुबह से ही महिलाओं ने व्रत कर शृंगार शुरू किया। ब्यूटी पार्लरों पर महिलाओं की लाइन लगी रही। बाजारों में भी महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। महिलाओं ने समूहों में करवा व्रत कथा सुनी और पति की लंबी उम्र की कामना की।
करवा चौथ पर हर संकट हरने का ले संकल्प : सुनीता
सफीदों। करवा चौथ अखंड सुहाग के लिए किया जाने वाला व्रत ही नहीं है, बल्कि अपने पति व परिवार पर आने वाले हर संकट के सामने ढाल बनकर खड़ी हो जाने वाली स्त्री शक्ति का प्रतीक है। यह पति पत्नी के अखंड प्रेम और त्याग की चेतना का प्रतीक है। यह शब्द सीताश्याम कॉलोनी में सुनीता वर्मा ने करवा चौथ का महत्व बताते हुए महिलाओं को कहे। वे कॉलोनी में विशेष पूजा कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
करवा चौथ पर लड़कियों ने लगाई बेटी बचाओ की मेहंदी
जींद। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत साक्षर महिला समूह ने छोटी लड़कियों को मेहंदी लगाकर कन्याओं को बचाने व पढ़ाओ का संदेश दिया गया। इसमें अधिकतर लड़कियों ने बेटी बचाओ की ही मेहंदी लगाई गई। इस अवसर पर संस्था के प्रधान रेणु बिस्ट ने लड़कियों को करवाचौथ पर शुभकामनाएं देते हुए बताया कि लड़कियों को मन लगाकर कर पढ़ाई करनी चाहिए। इस अवसर पर पार्लर ट्रेनर सुमन भंडारी, राखी शर्मा, उषा, जयवंती, वर्षा, सुनीता, कविता ने भाग लिया।