नरवाना । खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक व किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर केंद्र और हरियाणा सरकार का पुतला फूंका।
किसान राजसिंह और यादविंद्र सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान किसानों पर गोलियां चलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित करने की सिफारिश केंद्र सकरार को भेजने पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश समेत सभी राज्यों में भाजपा सरकार के पुतले जलाए गए हैं। आजादी के आंदोलन के समय जनरल डायर ने भारतीयों पर गोलियां चलवाई थीं और बाद में जनरल डायर को उस समय की ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया था। उसी तरह अब 13, 14 और 21 फरवरी को किसानों पर गोलियां चलवाने वाले अधिकारियों को राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित करने की सिफारिश की गई है। यदि ऐसे अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है तो वो लोकतंत्र के लिए काला दिवस होगा।
उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, संभल समेत कई जिलों में किसान नेताओं को घर में ही नजरबंद किया गया और उन्हें प्रदर्शन नहीं करने दिया गया। किसानों ने फैसला लिया कि 15 अगस्त को देशभर में जिला एवं तहसीलस्तर पर किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत होगी। किसान आंदोलन की मजबूती के लिए 27 अगस्त को तमिलनाडु के तिरछी एवं 29 अगस्त को कर्नाटक के हुबली में जनसभाएं होंगी। 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल, 15 सितंबर को जींद के उचाना की नई अनाज मंडी और 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र की पिपली अनाज मंडी में राष्ट्रीयस्तर की किसान महापंचायत होगी।
शुभकरण की मौत के मामले में उचाना पहुंची एसआईटी
जींद। फसलों के समर्थन मूल्य की मांग को लेकर खनौरी बार्डर पर आंदोलने के दौरान 21 फरवरी को युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई थी। इसमें आरोप लगे थे कि हरियाणा पुलिस की चलाई गई गोली से शुभकरण की मौत हुई है। इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसका नेतृत्व आईपीएस सतीश बालन कर रहे हैं। वीरवार को जांच के लिए एसआईटी के डीएसपी धर्मबीर को पांच सदस्यीय टीम के साथ उचाना भेजा गया था।
एसआईटी ने पंजाब के पांच किसानों को नोटिस भेजकर 1 अगस्त को उचाना रेस्ट हाउस में बुलाया था, ताकि शुभकरण की मौत के मामले में गवाहों के बयान दर्ज करवाए जा सकें, मगर कोई किसान नहीं आया। दिनभर इंतजार करने के बाद एसआईटी लौट गई। अब दोबारा गवाहों को नोटिस देकर बुलाया जाएगा। स मामले में पहले भी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी नरवाना के हरियल रेस्ट पहुंची थी। इस कमेटी में हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस जयश्री ठाकुर, हरियाणा के एडीजीपी अमिताभ सिंह ढिल्लों व पंजाब के एडीजीपी प्रमोद शामिल थे। कमेटी के सदस्यों ने हरियाणा-पंजाब के दातासिंहवाला बॉर्डर के दोनों तरफ जाकर घटना की जगह का मुआयना किया था। तीनों कमेटी के सदस्यों ने अधिकारियों व किसानों से 3 करीब तीन घंटे तक बातचीत की थी। भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल वकीलों व 15 सदस्यीय कमेटी के साथ नरवाना के हरियल रेस्ट हाउस में तीन सदस्यीय जांच कमेटी से एक घंटे तक बातचीत की थी।
01जेएनडी40-दातासिंहवाला बॉर्डर पर भाजपा सरकार के पुतले फुकंते हुए किसान। संवाद
01जेएनडी40-दातासिंहवाला बॉर्डर पर भाजपा सरकार के पुतले फुकंते हुए किसान। संवाद
01जेएनडी40-दातासिंहवाला बॉर्डर पर भाजपा सरकार के पुतले फुकंते हुए किसान। संवाद
01जेएनडी40-दातासिंहवाला बॉर्डर पर भाजपा सरकार के पुतले फुकंते हुए किसान। संवाद