05जेएनडी21: उप कृषि निदेशक को ज्ञापन सौंपते किसान सभा के पदाधिकारी। स्रोत स्वयं
जींद। किसान सभा जिला कमेटी के सदस्यों ने राज्य उपप्रधान फूल सिंह श्योकंद के नेतृत्व में उप कृषि निदेशक के माध्यम से कृषि मंत्री व कृषि निदेशक के नाम बीटी कॉटन के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से किसान सभा ने किसानों की मांगों को उठाया। फूल सिंह श्योकंद ने बताया कि 12 अगस्त को हिसार में कपास किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
फूल सिंह श्योकंद ने बताया कि पिछले चार-पांच सालों से बीटी कपास में गुलाबी सुंडी, सफेद मक्खी समस्याओं ने विकराल रूप ले लिया है। इसी वजह से प्रदेश में कपास का रकबा 30 प्रतिशत तक घट गया है। जिस कारण किसान धान लगाने को मजबूर है। हर वर्ष सुंडी से किसानों को पैदावार में नुक्सान, फिर फसल को बीमारी से बचाने के लिए दवाई पर सैकड़ों रुपये खर्च कर आर्थिक नुकसान से लेना पड़ता है, जबकि सच्चाई यह है कि यह दवा गुलाबी सुंडी को खत्म करने में कारगर नहीं है। ऐसे में कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालय की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह खुद के ऐसे नए बीज तैयार करें जो किसानों को इससे बचा सके। उन्होंने मांग की कि बीटी कॉटन पर झूठे दावे करके प्राइवेट कंपनी द्वारा बीज बेचने पर अंकुश लगाया जाए। कृषि विभाग, सीआईसीआर किसानों को इससे बचाने के उपाय बताएं अगर उपाय नहीं है तो किसानों को इस बात के लिए जागरूक करें कि वह इन निजी दवा कंपनियों के हाथों में न लूटे। नकली बीज, दवाइयों पर रोक लगाई जाएं। बीमारियों के चलते किसानों का लागत खर्च में वृद्धि हो रही किसानों को इसके बचाव के लिए दवाइयां, कीटनाशक, पोषक तत्व आदि सरकारी समिति के माध्यम से सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाई जाए। जिन किसानों का बीमा नहीं है उनके लिए फसल खराब है के मुआवजा राशि बढ़ाई जाए। इस अवसर पर बलिंद्र उचाना, जोधा राम, दलबीर सिंह, सतबीर खरल, जसवंत सिंह, मनी राम, निहाल सिंह मौजूद थे।
05जेएनडी21: उप कृषि निदेशक को ज्ञापन सौंपते किसान सभा के पदाधिकारी। स्रोत स्वयं