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नरवाना में 31 जुलाई को दो स्थानों पर जाम लगाएंगे किसान

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धरने में किसानों को संबोधित करते शीशपाल गुलाडी। संवाद। - फोटो : Jind
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नरवाना। पिछले 86 दिन से तहसील प्रांगण में चल रहे संयुक्त किसान मोर्चा के धरने पर रविवार को 31 जुलाई को नरवाना में दो स्थानों पर जाम लगाने का निर्णय लिया गया। यह जाम सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक लगाए जाएंगे। फिलहाल इनके लिए स्थान तय नहीं किए गए हैं। इसके बाद पांच अगस्त को गांवों में गैर मलकियत जमीन को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा। सात से 14 अगस्त तक अग्निपथ के विरोध में बैठक व सम्मेलन किए जाएंगे। धरने की अध्यक्षता सतीश कुमार भिमड़ा ने की और मंच संचालन डॉ. रामचंद्र ने किया।
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धरने की शुरुआत संजय दनौदा की देशभक्ति रागनी देश पै मर कै नै आजादी दिलाई, देश हमारे में होए ऐसे वीर सिपाही से हुआ।
शीशपाल गुलाडी ने बताया कि हमें राजसत्ता, धर्म और पूंजीपतियों के गठजोड़ को समझना पड़ेगा। इन तीनों के गठजोड़ का एक ही काम है, जनता की पूंजी का दोहन करना और अपने राज को लंबे समय तक कायम रखना। यदि आपने अपनी नस्ल और फसल को बचाना चाहते हैं तो बच्चों को शिक्षित बनाओ। मा. बलबीर सिंह ने दिल्ली बार्डर पर किसान आंदोलन के दौरान शुगर मिल जींद के लंगर का आगाज करके अंजाम तक पहुंचाने वाले राजेंद्र वैद्य का धरने पर स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 31 जुलाई को नरवाना में दो स्थानों पर 11 से 3 बजे तक जाम लगाया जाएगा। फिर 5 अगस्त को गांवों में गैर मलकियत जमीन को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा और 7 से 14 अगस्त तक अग्निपथ के विरोध में बैठकें व सम्मेलन किए जाएंगे। धरने को डिंपल, कमलेश, भतेरी, संतरो, ओमपति, दलबीर नैन, ओम प्रकाश, कर्म सिंह, सुभाष, बलराज, निहाल सिंह, बलजीत, पिरथी सिंह, जोगीराम, सतबीर, छबीला, राजेंद्र, महेंद्र ने भी संबोधित किया।
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