दातासिंहवाला खनौरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसान 1 दिसबंर को संगरूर में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करेंगे। इसके बाद अरविंद केजरीवाल व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुतले जलाए जाएंगे। धरने पर तीसरे दिन भी किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडे का आमरण अनशन जारी रहा।
बॉर्डर पर किसान सभा को संबोधित करने वाला मंच अब पंजाब की तरफ कुछ दूरी पर शिफ्ट किया गया है, जहां पर सुखजीत सिंह किसान नेता अपना आमरण अनशन चला रहे हैं। बॉर्डर पर किसान नेताओं के बीच अपने आंदोलन को लेकर बैठकों का दौर जारी रहा। वीरवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक के बाद पत्रकार वार्ता की। किसान नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी भाजपा की बी टीम है और भगवंत मान ने गृहमंत्री अमित शाह से अपनी दोस्ती निभाते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को 26 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की मिलीभगत के तहत पुलिस ने जगजीत सिंह डल्लेवाल को गिरफ्तार कर आमरण अनशन को असफल करने का प्रयास किया, लेकिन डल्लेवाल ने अस्पताल में और किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडे ने खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन शुरू कर भाजपा व आम आदमी पार्टी को करारा तमाचा जड़ा है। किसान नेताओं ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून का मुद्दा किसानों के लिए करो या मरो का मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि मांगों के पूरा होने तक डल्लेवाल और सुखजीत सिंह हरदोझंडे का आमरण अनशन जारी रहेगा। किसान नेता सेवानिवृत्त फौजी सुखजीत सिंह हरदोझंडे ने कहा कि उनको फौज में सेवा करते हुए देश व समाज के लिए कुर्बानी देने का मौका नहीं मिला, लेकिन अब इस आंदोलन में आमरण अनशन कर देश के किसानों के लिए कुर्बानी देने का मौका मिला है। वह अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे।
दातासिंहवाला बॉर्डर को बंद हुए लगभग 300 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक प्रशासन ने यहां सड़क के बीच रख बड़े-बड़े पत्थरों को नहीं हटवाया है। इससे रास्ता आज भी पूरी तरह बंद है। इस रास्ते से पंजाब की तरफ जाने वाले वाहन वहां बनाए गए एक कच्चे रास्ते से निकलते हैं।
खनौरी बार्डर एरिया में 1500 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का जमावड़ा
खनौरी बार्डर एरिया में 1500 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का जमावड़ा 13 फरवरी के बाद से लगा हुआ है। किसानों द्वारा यहां पक्का मोर्चा बनाए जाने के बाद इन्हीं ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में अपने रहने से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था घर जैसी की हुई है। जहां पंखें तक की सुविधा की गई। एक ट्रैक्टर के अंदर पांच से दस व्यक्तियों के बैठने व आराम करने की जगह बनाई हुई है। बार्डर पर 200 किलोमीटर दूर से आए एक किसान जसविंद्र सिंह ने बताया कि यह यहां पर 13 फरवरी से डटा हुआ हूं। वह यहां पर दूसरी जगहों से आने वाले किसानों के रहने के लिए व्यवस्था में सहयोग कर रहा है। अपने ही टेंट के पास एक ट्रैक्टर में किसानों के लिए जगह बनाई जा रही है। किसान का कहना था कि रोजाना 25 से 30 किसान यहां आते हैं। इसका सामान भी उनके पास उपलब्ध है। मेडिकल सुविधा के लिए अलग से शिविर भी यहां लगे हुए हैं, ताकि किसी भी तरह से किसान को परेशानी होने पर उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाई जा सकें।
28जेएनडी19:किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता।
28जेएनडी19:किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता।