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4 जून के बाद आंदोलन के लिए तैयार रहें किसान : टिकैत

Sun, 02 Jun 2024 02:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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गुलकनी गांव में किसानों को संबो​धित करते राकेश टिकैत। संवाद
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जींद। चार जून के बाद किसान आंदोलन के लिए तैयार रहें। सरकार किसी की भी बने, लेकिन आंदोलन के बिना उनको उनका हक नहीं मिलेगा। किसान आंदोलन की तैयारियों में जुट जाएं और अपना संगठन मजबूत करें। यह बात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार को गांव गुलकनी में मनाए गए किसान बलिदान दिवस के मौके पर कही।
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उन्होंने कहा कि 4 जून को पता लग जाएगा कि केंद्र में किसकी सरकार बन रही है। एक बार फिर से मांगों को लेकर सरकार से मिलेंगे। यदि उसके बाद भी उनकी मांगें नहीं पूरी की गईं तो आंदोलन ही एकमात्र रास्ता रह जाएगा। टिकैत ने कहा कि इसके लिए हमें अपने संगठन को मजबूत करना पड़ेगा। जितना हमारा संगठन मजबूत होगा, उतना ही हम मजबूती के साथ आंदोलन कर सकेंगे। हर गांव में कम से कम पांच लोगों को संगठन में शामिल जरूर करें। इसके लिए हर पाने (हर मोहल्ले) से एक-एक व्यक्ति को संगठन से जोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला हर जाति का व्यक्ति किसान है। यह केवल किसानों की मांगें नहीं हैं, बल्कि मजदूरों का भी इसमें बराबरी का हक है, इसलिए गांव में एक किसान तथा दूसरा मजदूर ही रहता है। दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं, इसलिए हर व्यक्ति को भाकियू से जोड़ना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने गुलकनी गांव में बनाई गई किसानों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान, प्रवक्ता रामराजी ढुल, जिला प्रधान व अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
मृत्युभोज पर लगे रोक
टिकैत ने कहा कि आज किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए हमें अपने खर्च कम करने होंगे। मृत्युभोज पर हम रोक लगा सकते हैं। इसमें एक तो परिवार से व्यक्ति कम होता है और दूसरे हम लोगों को खाना खिलाते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। परिवार में किसी की मृत्यु होने पर हमें दुख होता है, लेकिन हम भोजन लोगों को खिला रहे होते हैं, इसलिए मृत्युभोज पर रोक लगनी चाहिए।
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