फोटो 4 नरवाना। कैंप के दौरान किसानों को जागरुक करते हुए कृषि अधिकारी। स्त्रोत विभाग।
- फोटो : टूंडला के रामपुर में आंधी में टूटकर मृतक के घर के टिका विद्युत खंबे को घटना के बाद देखते लोग संवाद
नरवाना। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से गांव धरौदी और उझाना में किसानों को प्राकृतिक एवं संतुलित खेती के प्रति जागरूक करने के लिए शिविर लगाया गया। शिविरों में दोनों गांवों व आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने भाग लिया।
उपमंडल कृषि अधिकारी नरवाना डॉ. सुनील दलाल ने कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में कई किसान आवश्यकता से अधिक रासायनिक खादों और कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं जिससे मिट्टी की उर्वर शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक सिफारिशों के अनुसार संतुलित मात्रा में खाद का उपयोग करने की अपील की। इससे उत्पादन लागत कम होगी और फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि संतुलित खाद प्रबंधन अपनाकर किसान प्रति एकड़ अच्छी बचत कर सकते हैं।
डॉ. दलाल ने कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग न केवल भूमि की सेहत को नुकसान पहुंचाता है बल्कि इसका असर पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इसलिए किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही खादों का प्रयोग करना चाहिए और जैविक और प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
तकनीकी सहायक डॉ. वीरेंद्र बूरा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों में ही निहित है। संवाद