जींद/नरवाना। दिल्ली कूच से पहले खनौरी बॉर्डर से किसानों ने उपराष्ट्रपति के नाम किसानों की मांगों को पूरा करवाने के लिए पत्र भेजा है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पत्र में डाॅ. स्वामीनाथन रिपोर्ट, एमएसपी पर खरीद की गारंटी के अलावा कई अन्य मांगों को शामिल किया है। 9 दिसंबर को सभी सांसदों के आवास पर धरना दिया जाएगा। दूसरी तरफ किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से नरवाना, उझाना और दातासिंहवाला में की थ्रीलेयर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
पत्र भेजे भेजने के बारे में जगजीत सिंह डल्लेवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पहले ही एलान किया हुआ है कि या तो केंद्र सरकार किसानों की मांगें पूरी करे अन्यथा वह अपने प्राण खनौरी बॉर्डर पर ही त्याग देंगे। उपराष्ट्रपति की तरफ से दिए गए बयान पर आभार जताते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति आने वाले समय में इन मुद्दों पर जरूरी दिशा-निर्देश केंद्र सरकार को देंगे।
उन्होंने कहा कि बीते आंदोलन में किसान 13 महीने सड़कों पर बैठे रहे और अब 2024 में 10 महीनों से सड़क पर शंभू, खनौरी व राजस्थान में रत्नपुरा बॉर्डरों पर बैठे हैं। 13 फरवरी से संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक एवं किसान मजदूर मोर्चा ने दिल्ली चलो का कार्यक्रम शुरू किया है। इसको रोकने के लिए पुलिस ने हिंसात्मक कार्रवाई करते हुए किसान शुभकरण सिंह को शहीद कर दिया था। पांच किसानों की आंखों की रोशनी छीन ली व 433 किसानों को घायल कर दिया। डल्लेवाल ने कहा कि हर सरकार ने उनकी मांगों को सत्ता में आने से पहले जायज बताया, लेकिन बाद में उससे पीछे हट गए। उपराष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में लिखा कि भारत के दूसरे सर्वोच्च पद पर कार्यरत होने के नाते केंद्र सरकार को आदेश दें कि वह किसानों से किए गए वादे को पूरा करें।
नौ दिसंबर को सभी राज्यों में सांसदों के आवास पर दिया जाएगा धरना
किसान नेताओं ने कहा कि 9 दिसंबर को मोर्चे के 300 दिन पूरे होने पर पंजाब को छोड़कर अन्य राज्यों में किसान अपने क्षेत्र के सांसदों के घर के सामने सुबह 8 से रात 8 बजे तक भूख हड़ताल करेंगे। वे यह धरना जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के समर्थन में देंगे। पंजाब के किसानों की ड्यूटी खनौरी और शंभू मोर्चों को निरंतर मजबूत करने के लिए लगाई है।
किसानोें के प्रति अलग मूड में प्रशासन
किसानों के दिल्ली कूच के एलान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नरवाना के उझाना गांव के पुल के पास आधे हाईवे पर थ्रीलेयर की बैरिकेडिंग कर फोर्स को तैनात कर दिया है। इससे प्रशासन का मूड किसानों के प्रति अलग दिख रहा है। खनौरी बॉर्डर पर भी तीन कंपनियां में आरएएफ, बीएसएफ व आरपीएफ को तैनात किया गया है।
प्रशासन की तरफ अर्धसैनिक बलों व पुलिस के अलावा वाटर कैनन की गाड़ियों को भी तैनात कर दिया गया। पुलिस की तरफ से की गई घेराबंदी को तोड़ना किसानों के लिए बड़ी चुनौती होगी। वीरवार दोपहर के बाद ही सभी नाकों पर डीएसपी ने व्यवस्था संभाल ली है। हरियाणा के किसान संगठनों ने इस आंदोलन से अभी तो दूरी बनाई है, मगर कुछ संगठनों के नेताओं ने यह जरूर कहा है कि अगर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर अत्याचार हुआ तो वह सहयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे। अभी तक पंजाब की तरफ से ही किसानों के आने की संभावना है। इसके लिए बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने अपनी तरफ से मजबूत नाकेबंदी की है। किसानों ने शंभू बॉर्डर से दिल्ली की तरफ कूच करने की योजना बनाई है।
किसान संगठनों ने दिल्ली कूच का को लेकर ऐलान किया हुआ है। इसको लेकर पुलिस अलर्ट है। दातासिंहवाला बॉर्डर पर धारा 163 लागू कर दी गई है। इस दौरान किसी को बॉर्डर की तरफ आने व जाने की इजाजत नहीं रहेगी। इसमें तीन कंपनियों को लगाया गया है। जिला पुलिस की हर गतिविधि पर पैनी नजर है। पंजाब की तरफ जाने वाले रूटों पर आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर हिदायत दी गई है। पुलिस का उद्देश्य है कि इस दौरान किसी भी प्रकार से कोई प्रदर्शन या गतिविधि नहीं हो, जिससे कानून का उल्लंघन हो। दातासिंहवाला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई है। -अमित भाटिया, डीएसपी, नरवाना।